चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में पंजाब कैबिनेट की एक अहम बैठक हुई। बैठक में राज्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और कई प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई। बैठक के बाद, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कैबिनेट के फैसलों के बारे में जानकारी दी। हरपाल चीमा ने बताया कि कैबिनेट ने पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन (PPSC) के ग्रुप-1 से जुड़े नियमों में बदलाव को मंज़ूरी दे दी है।
इसके साथ ही, राज्य में नई सरकारी भर्तियों पर भी चर्चा हुई। सरकार ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने अब तक अपने कार्यकाल में युवाओं को लगभग 71 हज़ार सरकारी नौकरियां दी हैं। कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने के लिए कई नए पद बनाने को भी मंज़ूरी दी गई। चमकौर साहिब के सब-डिविजनल अस्पताल के लिए 33 नए पदों को मंज़ूरी दी गई है।
सरकार का कहना है कि इन पदों से अस्पताल में स्टाफ़ की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और इलाके के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल पाएँगी। इसके अलावा, मलेरकोटला और धूरी से जुड़े अस्पतालों के लिए भी 19 पदों को मंज़ूरी दी गई है। मलेरकोटला में मंज़ूर किए गए पदों में चीफ़ मेडिकल ऑफ़िसर, असिस्टेंट सिविल सर्जन और डिस्ट्रिक्ट फ़ैमिली वेलफ़ेयर ऑफ़िसर जैसे पद शामिल हैं।
इस फ़ैसले को एक नए ज़िले के तौर पर मलेरकोटला के स्वास्थ्य प्रशासन को और मज़बूत करने के लिए अहम माना जा रहा है।कैबिनेट ने राज्य में अनाज की खरीद, मिलिंग, ट्रांसपोर्टेशन और लेबर मैनेजमेंट से जुड़ी कई नीतियों को भी मंज़ूरी दी। इनमें पंजाब कस्टम्स मिलिंग पॉलिसी, प्रोक्योरमेंट मार्केटिंग सीज़न-2026, पंजाब फ़ूडग्रेन ट्रांसपोर्टेशन पॉलिसी-2027 और पंजाब फ़ूडग्रेन लेबर एंड कार्टेज पॉलिसी-2027 शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इन नीतियों को लागू करने से अनाज की खरीद और उसके बाद की प्रक्रियाओं को और बेहतर ढंग से चलाने में मदद मिलेगी।अनाज के ट्रांसपोर्टेशन, मिलिंग और लेबर से जुड़ी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, पंजाब कैबिनेट की इस बैठक में सरकारी भर्तियों, स्वास्थ्य सेवाओं और अनाज प्रबंधन से जुड़े कई अहम फ़ैसले लिए गए हैं। सरकार के अनुसार, इन फ़ैसलों का मकसद प्रशासनिक ढांचे को मज़बूत करना, युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ाना और लोगों को बेहतर सरकारी सेवाएँ उपलब्ध कराना है।


