पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड में मौत की सज़ा का सामना कर रहे बलवंत सिंह राजोआना को शुक्रवार को पटियाला डेंटल मैडीकल कॉलेज में जांच के लिए लाया गया। यह एक नियमित जांच थी। राजोआना को दांतों की समस्या के कारण पहले भी कई बार अस्पताल लाया जा चुका है। हालांकि, इस बार मीडिया से बात करते हुए राजोआना ने अपने मामले पर जल्द फैसला सुनाए जाने की मांग की।
मीडिया से बात करते हुए बलवंत सिंह राजोआना ने कहा, “30 साल हो गए है और मैं 19 साल से मौत की सज़ा भुगत रहा हूं। इस संबंध में अपील केंद्र सरकार के पास 14 साल से लंबित है। मैं बस यही कहूंगा कि फैसला हो जाना चाहिए। पांच साल से सुप्रीम कोर्ट भी फैसले पर बार-बार सवाल उठा रहा है।”राजोआना ने कहा कि मैं श्री अकाल तख्त साहिब और जत्थेदार से अगला फैसला लेने का अनुरोध करता हूं। इंतज़ार काफ़ी लंबा है। “30 साल बाद भी फैसला न लेना घोर अन्याय है।”
मैं जत्थेदार से राष्ट्र के सम्मान को ध्यान में रखते हुए फैसला लेने का अनुरोध करता हूं। हमने बहुत लंबा इंतज़ार किया है।दरअसल, राजोआना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें उसकी दया याचिका पर सुनवाई में हो रही देरी का हवाला दिया गया है। दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है। देरी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट से उसकी मौत की सजा को उम्रकैद में बदलने का अनुरोध किया गया है।
राजोआना को 2007 में मौत की सजा सुनाई गई थी और फांसी की तारीख 31 मार्च, 2012 तय की गई थी। हालांकि, इससे पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर की थी। यह अपील पिछले 13 सालों से राष्ट्रपति के पास लंबित है। राजोआना फिलहाल पटियाला सेंट्रल जेल में बंद है।


