Monday, April 20, 2026

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डिजिटल इंडिया के दौर में साइबर क्राइम के मामलों की बौछार, 4 साल में 4 गुना केस, हॉटस्पॉट बने महाराष्ट्र-यूपी…

NRI SANJH JALANDHAR (2 AUGUST)

डिजिटल इंडिया (Digital India) के युग में साइबर अपराधों(Cyber Crime) में तेजी से वृद्धि हो रही है. गृह मंत्रालय द्वारा संसद में प्रस्तुत आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि साइबर अपराधों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है. पिछले चार वर्षों में ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल गिरफ्तारी, सेक्सटॉर्शन और साइबर हमलों के मामलों में 401 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है. वर्ष 2021 में लगभग 4.5 लाख साइबर अपराध के मामले दर्ज किए गए थे

साल 2024 तक साइबर क्राइम के मामलों की संख्या 22 लाख से अधिक हो गई, जो कि पिछले आंकड़ों की तुलना में चार गुना से ज्यादा है. यह वृद्धि यहीं नहीं रुकी, क्योंकि 2025 के पहले छह महीनों में ही 30 जून तक 12 लाख से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जो 2021 और 2022 के वार्षिक आंकड़ों को भी पार कर चुके हैं. इस संदर्भ में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सबसे अधिक प्रभावित राज्यों के रूप में सामने आए हैं.

इस वर्ष महाराष्ट्र में अब तक 1.6 लाख साइबर अपराध के मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि उत्तर प्रदेश 1.4 लाख मामलों के साथ दूसरे और कर्नाटक 1 लाख मामलों के साथ तीसरे स्थान पर है. पिछले तीन वर्षों से ये तीनों राज्य साइबर क्राइम के मामले में सबसे अधिक प्रभावित रहे हैं. इसके अलावा, पिछले चार वर्षों में गुजरात, ओडिशा और कर्नाटक में साइबर अपराध में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिसमें गुजरात में 824 फीसदी, ओडिशा में 783 फीसदी और कर्नाटक में 763 फीसदी का इजाफा हुआ है।

बच्चों पर मंडराता सबसे बड़ा खतरा

साइबर अपराध के मामले में बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं. गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2018 से 2022 के बीच तीन हजार से अधिक चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले दर्ज किए गए हैं. इसके अलावा, 18 साल से कम उम्र के बच्चों के खिलाफ स्टॉकिंग के 500 मामले भी सामने आए हैं. इन अपराधों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जहां 2021 में बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराधों में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, वहीं 2022 में यह आंकड़ा 32.5 प्रतिशत तक पहुंच गया।

शेयर हो रही थी चाइल्ड पोर्नोग्राफी

सोशल मीडिया, चैट रूम और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े अपराधों में वृद्धि देखी गई है. पिछले वर्ष, इंडिया टुडे की OSINT टीम ने ऐसे टेलीग्राम चैनलों का खुलासा किया, जो चाइल्ड पोर्नोग्राफी का बड़े पैमाने पर वितरण कर रहे थे. इस खुलासे के बाद, टेलीग्राम को इन अकाउंट्स को हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

भारत में हर मिनट 761 साइबर अटैक

देश का सुरक्षा ढांचा लगातार साइबर हमलों का शिकार हो रहा है. डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (DSCI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में भारत में हर मिनट औसतन 761 साइबर हमले करने के प्रयास हुए. इनमें सबसे अधिक हमले स्वास्थ्य, आतिथ्य और बैंकिंग क्षेत्रों पर देखे गए हैं।

पहलगाम हमले के बाद साइबर अटैक

साल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत में साइबर हमलों की संख्या में भारी वृद्धि हुई. इस अवधि में 15 लाख से अधिक साइबर हमले दर्ज किए गए, जिनमें मुख्य रूप से देश के रक्षा, बिजली, दूरसंचार, वित्त और परिवहन जैसे महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बनाया गया. जांच एजेंसियों के अनुसार, ये हमले पाकिस्तान और उसके सहयोगी हैकिंग समूहों द्वारा सुनियोजित तरीके से किए गए थे।

ये है डिजिटल क्राइम का नया चेहरा

भारत अब साइबर अपराध के एक अत्यंत गंभीर चरण में प्रवेश कर चुका है, जैसा कि इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है. धोखाधड़ी और यौन शोषण जैसे अपराध आम जनता को प्रभावित कर रहे हैं, जबकि विदेशी हैकिंग नेटवर्क देश की रणनीतिक सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं।

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