NRI SANJH JALANDHAR (27 February)
पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के घर में अगले महीने मार्च में किलकारी गूंजेगी। मूसेवाला की मां चरण कौर ने फिर से कंसीव करने का फैसला किया है। इसके लिए उन्होंने इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) तकनीक को अपनाया है। इसकी पुष्टि मूसेवाला के ताया चमकौर सिंह ने की।
सिद्धू माता-पिता की इकलौती संतान थे। उनकी हत्या के बाद मां और पिता बलकौर सिंह अकेले हो गए थे। ऐसे में IVF तकनीक के सहारे चरण कौर दोबारा प्रेग्नेंट हुई हैं। इसी वजह से पिछले 3-4 महीने से चरण कौर अपने घर से बाहर भी नहीं निकली हैं।
सूत्रों के अनुसार, वे मेडिकल टीम की निगरानी में हैं और अभी तक पॉजिटिव रिस्पॉन्स ही देखने को मिल रहा है।
58 साल की उम्र में दोबारा मां बनेंगी
सिद्धू मूसेवाला ने 2022 में मानसा से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस दौरान उनकी मां चरण कौर ने कवरिंग कैंडिडेट के तौर पर एफिडेविट भरा था। तब चरण कौर ने अपनी उम्र 56 साल बताई थी। इस अनुसार उनकी उम्र अब तकरीबन 58 साल है और बलकौर सिंह की उम्र तकरीबन 60 साल के करीब है।
6 शूटरों ने मूसेवाला को ताबड़तोड़ गोलियां मारी थी
29 मई 2022 की शाम को मानसा के गांव जवाहरके में 6 शूटरों ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर मूसेवाला की हत्या कर दी थी। तब मूसेवाला की उम्र 28 साल थी। इस हत्या की जिम्मेदारी कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस की गैंग ने ली। कनाडा बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। जिसमें लॉरेंस का भाई अनमोल और भांजा सचिन थापन भी शामिल था।
पुलिस ने इस मामले में 35 आरोपियों को नामजद किया है। इनमें से 4 की मौत हो चुकी है। हत्या के बाद से माता-पिता बेटे को इंसाफ के लिए आवाज बुलंद किए हुए हैं। वह लगातार पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को घेर रहे हैं।
क्या है IVF तकनीक
इस प्रोसेस को लगभग दो से तीन हफ्ते का समय लगता है। एग और स्पर्म को मां के गर्भ में विकसित करने की बजाय लैबोरेटरी में विकसित करने की प्रोसेस ही इन विट्रो फर्टिलाइजेशन यानी IVF कहलाती है। इस तरह तैयार भ्रूण को फाइन प्लास्टिक ट्यूब के जरिए महिला के गर्भाशय में प्रतिरोपित किया जाता है। इसके बाद बच्चा मां के गर्भ में ही पलता है।
इनमें स्टैंडर IVF, इक्सी और इस्सी तकनीक है। इन नई तकनीक के कारण अब गर्भधारण करना सरल और आसान हो गया है। ये सारी प्रोसेस नेचुरल तरीके से होता है। जिनसे हेल्दी बच्चे का जन्म होता है। IVF एक प्रजनन उपचार है। जो दंपती बेबी प्रोड्यूस करने में असमर्थ हैं, उनके लिए इसके जरिए ट्रीटमेंट किया जाता है।
इसमें महिला के एग को पुरुष के स्पर्म से मिलाना और फिर गर्भ में स्थापित करना, सबकुछ नेचुरल तरीके से किया जाता है। इनमें न तो किसी तरह के ऑपरेशन की जरूरत होती है और न ही हॉस्पिटलाइज होने की।


