NRI SANJH JALANDHAR (16 JANUARY)
कनाडा, अमेरिका और अन्य कंट्री में भेजने का झांसा देकर पंजाब k 12 युवकों को एजेंट ने किसी और ही जहाज में बिठा दिया। फ्रांस से लौटी डंकी फ्लाइट में सवार अमृतसर के 12 युवाओं को पंजाब पुलिस ने बुलाकर पूछताछ की है। जिनमें से सिर्फ 2 ने ही बयान दर्ज करवाए हैं, जबकि अन्य 10 ने बयान देने से ही मना कर दिया है। जांच में सामने आया है कि एजेंट ने लोगों से लाखों रुपए लिए थे। उन्हें साउथ अमेरिका से अमेरिका के दक्षिणी बॉर्डर तक पहुंचने में मदद के नाम पर ये पैसे वसूले गए। इन लोगों का एजेंट्स से संपर्क कैसे हुआ और निकारागुआ पहुंचने के बाद इन लोगों का क्या प्लान था, इस बारे में पूछताछ जारी है।

बता दे 21 दिसंबर को एयरबस A340 विमान 276 पैसेंजर्स को लेकर निकारागुआ जा रहा था। जब यह फ्रांस में फ्यूल भरवाने के लिए रुका तो वहां की अथॉरिटीज ने मानव तस्करी के शक में फ्लाइट को चार दिन तक रोके रखा। यह फ्लाइट 26 दिसंबर की सुबह भारत के मुंबई लैंड हुई। जिसमें तकरीबन 200 पंजाबी थे और 66 के करीब गुजराती इसमें सवार थे।

पुलिस को दिए बयानों में अमृतसर रूरल पुलिस ने अजनाला व मेहता पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की है। इन दोनों मामलों में पुलिस ने गुरदासपुर के बटाला निवासी तरसेम सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन दोनों मामलों में शिकायतकर्ता तलवंडी गांव के कंवरमन सिंह और बुट्टर गांव के दमनप्रीत सिंह हैं। तरसेम सिंह के खिलाफ पुलिस ने 420 धोखाधड़ी, 120-B षड्यंत्र रचने और सेक्शन-13 पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल रेग्युलेटरी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच कर रहे अधिकारी ने बताया कि ट्रैवल एजेंट अब इन पीड़ित लोगों को पैसे वापस करने का झांसा दे रहे हैं। जिसके बाद 10 के करीब युवा पीड़ितों ने पुलिस के सामने अपनी जुबान खोलने से मना कर दिया है। उन्हें डर है कि अगर वे मुंह खोलेंगे तो उनके पैसे मर जाएंगे। जांच में पता चला है कि हर व्यक्ति के लिए एजेंट ने 25 से 45 लाख रुपए ले रखे हैं। इतनी बड़ी रकम के खो जाने के डर से पीड़ित कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
दो पीड़ितों ने पुलिस को जानकारी दी कि बटाला के तरसेम सिंह ने उन्हें अमेरिका के सपने दिखाए थे। कंवरमन ने बताया कि उसे पहले दुबई भेजा गया। इसके बाद वहां संधू नाम के व्यक्ति से मिलने की बात हुई थी। जिसने उसे निकारागुआ ले जाने का इंतजाम किया। उन्हें कहा गया था कि अमेरिका जाने के लिए पहला स्टॉप यहीं होगा, यहां से अमेरिका का वीजा दिया जाएगा।
वहीं, दूसरे पीड़ित दमनप्रीत सिंह ने बताया कि इस एजेंट ने पहले उसके परिवार से 11 लाख रुपए उसे पुर्तगाल या आस्ट्रेलिया भेजने के लिए लिए थे। लेकिन बाद में उसे 42 लाख रुपए में अमेरिका का सपना दिखा गया। उनकी फ्लाइट निकारागुआ के लिए उड़ी। 4 दिन फ्रांस में रोका गया और फिर मुंबई भेज दिया गया।
रोमानिया के ‘लीजेंड एयरलाइंस’ कंपनी के विमान एयरबस ए-340 को मानव तस्करी के संदेह में फ्रांस के वैट्री एयरपोर्ट पर चार दिनों तक रोककर रखा गया था। इस विमान में कुल 303 भारतीय यात्री सवार थे। उनमें से 276 यात्री 26 दिसंबर को मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड हुए थे। बाकी के 27 यात्री फ्रांस में ही रह गए क्योंकि उन्होंने वहां शरण के लिए आवेदन किया था। यह विमान दुबई से निकारागुआ जा रहा था। विमान में सवार भारतीय यात्रियों में से एक तिहाई गुजराती थे। गुजरात की सीआईडी क्राइम टीम ने 30 यात्रियों से पूछताछ की, जिसमें पता चला है कि अमेरिका जाने के लिए उनकी एजेंट्स के साथ 40 लाख रुपए से लेकर 1.25 करोड़ रुपए तक में डील हुई थी। बाकी बचे यात्रियों से सीआईडी क्राइम कल पूछताछ कर सकती है. यात्रियों से अब तक की गई पूछताछ में सीआईडी को 6 एजेंट्स के बारे में पता चला है. इनसे अभी तक कोई पूछताछ नहीं हो पाई है. बाकी यात्रियों से पूछताछ के बाद सीआईडी एजेंट्स पर शिकंजा कस सकती
अवैध यात्राओं को ‘डंकी फ्लाइट्स’ कहा जाता है
इस तरह की अवैध यात्राओं को ‘डंकी फ्लाइट्स’ कहा जाता है। यह शब्द पंजाब में चोरी-छिपे अमेरिका या कनाडा जाने वाले लोगों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। विकास सहाय ने कहा, बच्चे का पता नहीं चल पाने का दावा करने संबंधी रिपोर्ट गलत है।


