NRI SANJH JALANDHAR (3 February)
मॉडल और एक्ट्रेस पूनम पांडे जिंदा हैं। उन्होंने खुद ये बात सबके सामने आकर बताई है। पूनम पांडे ने कहा है कि सर्वाइकल कैंसर पर जागरुकता के लिए उन्होंने ऐसा कदम उठाया। पूनम पांडे ने शनिवार (03 फरवरी) को इंस्टाग्राम पर दो वीडियो शेयर किए हैं। पूनम पांडे ने इंस्टाग्राम पर वीडियो डालकर कहा है कि, ”मैं ठीक हूं और जिंदा हूं। मैंने ये फैसला सर्वाइकल कैंसर पर महिलाओं में जागरुकता लाने के लिए किया था।’ Poonam Pandey alive पूनम पांडे ने वीडियो में अपने फैंस और देश की जनता से ऐसा मजाक करने के लिए माफी भी मांगी है।

पूनम पांडे ने कहा है कि, ‘अगर किसी का दिल दुखा है तो मैं माफी चाहती हूं। लेकिन मेरा इरादा किसी को तकलीफ पहुंचाने का नहीं बल्कि सिर्फ और सिर्फ सर्वाइकल कैंसर के बारे में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं तक अपनी बात पहुंचाना था कि ये कितना घातक है और हम इसके बारे में बात नहीं करते हैं।’ ‘सर्वाइकल कैंसर ने मेरी नहीं, लेकिन हजारों महिलाओं की जान ली है’ पूनम पांडे ने यह भी कहा है कि वो मीडिया के सामने आकर सभी सवालों का जवाब देंग
पूनम पांडे ने कहा, ”मैं आप सभी को ये बताना चाहती हूं कि सर्वाइकल कैंसर ने मेरी जान नहीं ली है। लेकिन दुखद बात यह है कि इसने उन हजारों महिलाओं की जान ले ली है, जो इस बीमारी से निपटने के बारे में नहीं जानते थे। कुछ अन्य कैंसर जिन्हें रोका नहीं जा सकता है लेकिन सर्वाइकल कैंसर पूरी तरह से रोकथाम योग्य है। आप जितनी जल्दी एचपीवी वैक्सीन और इस बीमारी के बारे में जल्दी जान लेंगे, उतना बेहतर होगा।
पूनम पांडे ने आगे कहा, ”हम ये सुनिश्चित कर सकते हैं कि सर्वाइकल कैंसर से किसी की जान न जाए। आइए जागरूकता के साथ एक-दूसरे को सशक्त बनाएं और सुनिश्चित करें कि हर महिला को उठाए जाने वाले कदमों के बारे में जानकारी हो। आइए, मिलकर इस बीमारी के विनाशकारी प्रभाव को खत्म करने और #DeathToCervicalCancer को खत्म करने की कोशिश करें।’
पूनम पांडे ने इंस्टा पोस्ट के कैप्शन में सर्वाइकल कैंसर के बारे में अधिक जानकारी के लिए एक लिंक भी दिया है।
पूनम पांडे ने कहा- बजट में भी सर्वाइकल कैंसर का जिक्र था लेकिन किसी का ध्यान नहीं गया पूनम पांडे ने अपने एक अन्य पोस्ट में कहा, ”ठीक एक दिन पहले, केंद्रीय बजट ने भी इस सर्वाइकल कैंसर और लड़कियों को वैक्सीन लगाने का जिक्र किया गया था। लेकिन मैं निश्चित रूप से कह सकती हूं कि देश बहुत कम लोगों ने ही इसपर ध्यान दिया था। जबकि ये बजट का हाइलाइट था और सबका ध्यान इसपर होना चाहिए था लेकिन फिर भी प्रेस का ध्यान खींचने में ये विषय विफल रही, जब तक कि सर्वाइकल कैंसर से मेरी मौत की कहानी सामने नहीं आई।”




