संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के 13 फरवरी को दिल्ली कूच से पहले पंजाब के 27 किसान संगठनों ने सरकार को सीधा अल्टीमेटम दिया था। भारतीय किसान यूनियन (BKU) लक्खोवाल के सचिव हरिंदर सिंह लक्खोवाल ने कहा कि दिल्ली कूच के दौरान किसानों से धक्केशाही करने की कोशिश की गई है, इस लिए 16 फरवरी को 27 संगठन भी दिल्ली कूच कर जाएंगे। उस दौरान भारत बंद कराया जायेगा।
लक्खोवाल ने कहा कि 16 फरवरी की सुबह 12 से शाम 4 बजे तक ट्रैफिक रोका जाएगा। बसें बंद कराई जाएंगी। रेलवे ट्रैक ठप किए जाएंगे और टोल प्लाजा फ्री करवाए जाएंगे। लोगों को होने वाली दिक्कतों की सरकार जिम्मेदार होगी।
किसान संगठनों ने कई बार DC-SDM के जरिए मांग पत्र सरकार के नाम भेजे लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही। सरकार की अनदेखी के कारण किसानों को सड़कों पर उतरने का फैसला लेना पड़ा।
फाइलों के चक्कर में उलझा रही सरकार
लक्खोवाल ने कहा कि पंजाब सरकार के साथ बैठक की गई थी। उसमें सरकार ने करीब 10 से 12 मांगें मान ली थीं। प्रदेश सरकार उन्हें फाइलों के चक्करों में उलझा रही है। किसान आंदोलन में करीब 750 किसानों की मौत हो गई थी। उनमें से करीब 350 परिवारों को नौकरी मिली है। आज करीब 400 लोग खेतीबाड़ी मंत्री के घर के बाहर धरना लगाए बैठे हैं। प्रदेश सरकार बिजली के बिलों पर राहत नहीं दे रही, जंगली जानवरों से खेतों की रक्षा नहीं हो रही।
केंद्र सरकार कॉर्पोरेट घराने के सुपुर्द किसानों को करने जा रही है। कॉर्पोरेट घरानों का सरकार कर्जा माफ करती है, जबकि किसानों के कर्जे माफ नहीं किए जा रहे। किसानों को MSP का भरोसा दिया था। किसानों की आमदनी दोगुनी करने का भरोसा सरकार ने दिया है। फसल बीमा योजना को लागू करने में सरकार नाकामयाब हुई है। किसानों को बुढ़ापा पेंशन तक नहीं दी जा रही।


