NRI SANJH JALANDHAR (29 February)
खनौरी बॉर्डर पर 21 फरवरी को गोली लगने से मारे गए किसान शुभकरण की मौत के मामले में पुलिस ने लंबी जद्दोजहद के बाद आखिर FIR दर्ज कर ली है। किसान संगठन लगातार FIR दर्ज करने पर अड़े हुए थे। पटियाला की पातरां थाना पुलिस ने धारा 302 (हत्या) और 114 के तहत केस दर्ज किया है। केस में किसी को नामजद नहीं किया है। घटना वाले दिन की वीडियो से आरोपियों की पहचान कर नाम जोड़े जाएंगे।
देर रात राजिंदरा अस्पताल पटियाला में न्यूरो-सर्जन सहित 5 डॉक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया। किसान नेताओं ने कहा कि सुबह 9 बजे शुभकरण सिंह का शव अंतिम दर्शन के लिए खनौरी बॉर्डर पर रखा जाएगा।दोपहर 3 बजे उसका संस्कार बठिंडा के गांव बल्लो में किया जाएगा।
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने बताया कि शुभकरण के परिवार को एक करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी के साथ एफआईआर दर्ज किए जाने की शर्त को अब पंजाब सरकार ने मंजूर कर लिया है। जिसके बाद पोस्टमार्टम हुआ। सुबह शुभकरण के शव को सबसे पहले खनौरी बॉर्डर लेकर जाया जाएगा और जहां उसे श्रद्धांजलि दी जाएगी।
हाईकोर्ट भी पहुंचा मामला
एडवोकेट हरिंदर सिंह ने हाईकोर्ट में शुभकरण की मौत की जांच के लिए एप्लिकेशन दायर की है। एडवोकेट हरिंदर सिंह ने बताया कि किसी को भी पंजाब पुलिस की जांच पर यकीन नहीं है। इसलिए कोर्ट के समक्ष शुभकरण की मौत की जांच रिटायर्ड जज से करवाने के लिए कहा गया है। जिसकी सुनवाई वीरवार को होगी।
शुभकरण पर था कर्ज
शुभकरण के पिता ने पुलिस को बताया कि चरणजीत सिंह (45) ने कहा- मैं खेती का काम करता हूं। मेरा 21 वर्ष का बेटा शुभकरण सिंह किसानों के साथ अपने कर्ज माफी को लेकर आंदोलनों का हिस्सा बनने जाता था। 13 फरवरी को किसान आंदोलन के ऐलान को देखते हुए शुभकरण किसान संगठनों के साथ चला गया था। शुभकरण के जाने के दो दिन बाद मैं भी आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए पहुंच गया था।
चरणजीत ने कहा- जब मैं आंदोलन में पहुंचा तो वहां बेटे सहित गांव के अन्य किसानों के साथ मुलाकात हुई। सभी खनौरी बॉर्डर पर मौजूद थे। किसानों पर हरियाणा की ओर से आंसू गैस के गोले फेंके जा रहे थे। हरियाणा सरकार की बैरिकेडिंग से करीब दो किमी दूर हम अपनी ट्रॉलियां लगाकर शांति पूर्वक ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे।
21 फरवरी को जत्थेबंदी द्वारा दिल्ली की ओर बढ़ने का ऐलान किया गया था। अपना आंदोलन मुकम्मल करने के लिए शुभकरण और उनके साथी दिल्ली की ओर बढ़ने लगे, लेकिन हरियाणा सरकार द्वारा नाकाबंदी कर दी गई और अंधाधुंध आंसू गैस के गोले फेंके गए। साथ ही गोलियां चलाई गईं। सरकार की कार्रवाई को देखते हुए किसान रुक गए थे, मगर फिर भी पुलिस अधिकारियों द्वारा कार्रवाई को रोका नहीं गया।
चरणजीत ने कहा- मैं शुभकरण से सिर्फ पांच कदम की दूरी पर था, इतने में उसके सिर के पीछे से गोली आकर लगी। जिसके बाद वह बुरी तरह से जख्मी हो गया था। उसे सरकारी एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया। लगभग एक घंटे बाद गांव में फोन आया कि डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
आज दिल्ली कूच का ऐलान संभव
पंजाब-हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर खरीद के गारंटी कानून समेत अन्य मांगों को लेकर चल रहे किसान आंदोलन का आज 17वां दिन है। आज किसान दिल्ली कूच को लेकर ऐलान करेंगे। बुधवार शाम को किसान मजदूर मोर्चा के कोऑर्डिनेटर सरवण पंधेर और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के जगजीत डल्लेवाल की अगुआई में संयुक्त मीटिंग हुई। इससे पहले मंगलवार को दोनों ने अपने-अपने संगठनों से इस बारे में मीटिंग की थी।


