NRI SANJH JALANDHAR (4 February)
आम आदमी पार्टी पार्षद की शिकायत पर चंडीगढ़ मेयर चुनाव विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पार्षदों की तत्काल सुनवाई की याचिका पर विचार करने की सहमति दे दी है। अब सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 5 फरवरी की डेट तय की है। कल इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में ट्रिपल बैंच सुनवाई करेगी। इससे पहले भी AAP पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुकी है। चीफ जिस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मेयर पद के उम्मीदवार पार्षद कुलदीप कुमार की ओर से सीनियर वकील अभिषेक सिंघवी पैरवी कर रहे हैं।
इस पूरे मामले को लेकर AAP के पार्षद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचे थे, जहां सुनवाई के दौरान जस्टिस सुधीर सिंह और हर्ष बंगर की खंडपीठ ने आप को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। याचिका में आरोप लगाया था कि मत-पत्रों के साथ छेड़छाड़ की गई थी और एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन, नगर निगम, पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह और नव-निर्वाचित मेयर मनोज सोनकर सहित अन्य को नोटिस जारी किया और तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
AAP पार्षद ने अंतरिम राहत से इनकार करने और याचिका को तीन सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने के खिलाफ शीर्ष अदालत में अपील दायर की। हाईकोर्ट में मामला 26 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। हाईकोर्ट में दायर याचिका के अनुसार आप उम्मीदवार ने एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से नए सिरे से चुनाव कराने के निर्देश मांगे हैं।
याचिकाकर्ता ने नव-निर्वाचित मेयर को अपने कामों पर रोक के निर्देश दिए जाने की मांग की है। क्योंकि चुनाव की पूरी प्रक्रिया धोखाधड़ी से हुई थी। कांग्रेस और आप ने 35 सदस्यीय चंडीगढ़ नगर निगम में अपने गठबंधन की आसान जीत की भविष्यवाणी की थी। इसे लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय विपक्षी गुट के लिए प्रारंभिक परीक्षा के रूप में पेश किया था।


