हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को 15 दिन में नगर निगम चुनाव कराने के दिए आदेश

NRI SANJH JALANDHAR (19 OCTOBER)

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पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि वह उन सभी नगर पालिकाओं और नगर निगमों में चुनाव कार्यक्रम अधिसूचित करके चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करे, जहां लंबे समय से चुनाव होने हैं। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि इस न्यायालय को पंजाब राज्य चुनाव आयोग और पंजाब राज्य को निर्देश देने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि वे संवैधानिक आदेश का पालन करें और इस आदेश की तिथि से 15 दिनों के भीतर सभी नगर पालिकाओं और नगर निगमों में चुनाव कार्यक्रमों को अधिसूचित करके चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करें, बिना नए सिरे से परिसीमन की प्रक्रिया शुरू किए।

शनिवार को जारी अपने आदेश में, उच्च न्यायालय ने राज्य को नए सिरे से परिसीमन किए बिना चुनाव कराने के लिए 15 दिन की समय सीमा तय की है। इसके साथ ही, राज्य में फगवाड़ा, अमृतसर, पटियाला, जालंधर, लुधियाना के नगर निगमों और 42 नगर परिषद-नगर पंचायतों के चुनाव होंगे, जहां चुनाव पांच साल की अवधि समाप्त होने के बाद होने थे। 

मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायाधीश अनिल खेत्रपाल की खंडपीठ ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश पारित किए, जिसमें  मुद्दा यह था कि ‘क्या वार्डों के परिसीमन की लंबित प्रक्रिया के कारण नगर पालिकाओं/नगर परिषदों/नगर निगमों/नगर पंचायतों के चुनाव कराने में देरी करना जायज है’। 

पीठ के समक्ष दलील देते हुए पंजाब के महाधिवक्ता (एजी) ने कहा कि विभाग को डोर-टू-डोर सर्वेक्षण करने, रफ मैप तैयार करने और उस पर परिसीमन करने के लिए प्रत्येक नगर पालिका के लिए परिसीमन बोर्ड गठित करना आवश्यक है।  कहा गया कि 47 में से 44 नगर पालिकाओं के लिए परिसीमन बोर्ड गठित किए जा चुके हैं और तीन नगर पालिकाओं, यानी नगर निगम, जालंधर, नगर परिषद, तलवाड़ा और नगर पंचायत भादसो के गठन की प्रक्रिया बहुत जल्द जारी की जाएगी।

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