NRI SANJH JALANDHAR (7 JUNE )
दो जून को साधूगढ़ व सरहिंद के बीच दो मालगाड़ियों की टक्कर होने की खबर सामने आई थी और इसमें एक पैसेंजर ट्रेन भी चपेट में आ गई थी। कई यात्री समेत लोको पायलट घायल हुए थे। इस घटना की जांच के लिए एक जांच टीम बताई गई थी, जिसे अब अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है।
इसमें स्पष्ट हुआ है कि लोको पायलट और सहायक दोनों ही नींद में थे जिसके कारण यह बड़ा हादसा हो गया लेकिन इसके साथ ही जांच टीम ने कई ऐसी बिंदुओं पर भी प्रकाश डाला है जो विभाग के लिए सोचने वाली बात है।
जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि लोको पायलट और उनके सहायक को गाड़ी चलाते समय नींद आ गई थी, जिसके कारण वह ब्रेक नहीं मार पाए और गाड़ी आगे बढ़ती चली गई। पूरे सवाल जवाब में लोको पायलट और उनके सहायक पायलट ने नींद आने की बात को स्वीकार है।
ट्रेन मैनेजर ने जांच टीम को लिखित में कहा कि अगल लोको पायलट और सहायक लोको पायलट आराम करने के बाद ड्यूटी पर आते तो यह हादसा टल सकता था। लोको पायलटों के संगठन ने रेलवे पर आरो लया है कि स्टाफ में कमी के कारण ट्रेन ड्राइवरों से अधिक काम करवाया जा रहा है। इन ड्राइवरों के रोस्टर चार्ट से पता चलता है कि कि उन्होंने अतीत में लगातार कई ड्यूटी की है जो रेलवे कानून के खिलाफ है।


