पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी लड़ाई के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कल सुबह 11 बजे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी गुट की राज्य इंचार्ज भूपेश बघेल से मुलाकात होगी। इस मीटिंग में चन्नी गुट के सभी नेता मौजूद रहेंगे। चन्नी गुट ने मीटिंग के बाद बातचीत करने पर सहमति जताई है। सूत्रों के मुताबिक, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और AICC पंजाब इंचार्ज भूपेश बघेल की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं के बीच होने वाली अहम मीटिंग टाल दी गई है।
अब यह मीटिंग शनिवार सुबह 11 बजे होगी।पंजाब कांग्रेस में हाल ही में हुए ऑर्गेनाइजेशनल बदलावों के बाद पार्टी के अंदर मतभेदों की चर्चाओं के बीच यह बात सामने आई है।इससे पहले गुरुवार को चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह, भारत भूषण आशु, गुरकीरत सिंह कोटली और बरिंदरमीत सिंह पाहडा़ समेत कई सीनियर कांग्रेस नेता इकट्ठा हुए थे। इस मीटिंग का मुख्य मकसद पार्टी के अंदर एकता का मैसेज देना था।
मीटिंग के बाद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन कांग्रेस एकजुट है। उन्होंने कहा, “प्रगट सिंह ने साफ संदेश दिया है कि भले ही विचारों में मतभेद हों, कांग्रेस एक साथ खड़ी है।”दूसरी ओर, परगट सिंह ने कहा कि पार्टी हाईकमान को सभी घटनाक्रमों की जानकारी दे दी गई है और आपसी बातचीत से अंदरूनी मुद्दों को सुलझाने की कोशिशें चल रही हैं।
उन्होंने कहा, “हाईकमान को सब पता है और हम सभी मुद्दों का हल निकालने के लिए लगातार बात कर रहे हैं।”कांग्रेस MLA राणा गुरजीत सिंह ने भी मीटिंग को पॉजिटिव बताते हुए कहा कि इससे नेताओं का हौसला बढ़ा है और आगे की स्ट्रैटेजी पर डिटेल में बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस डेमोक्रेसी के खिलाफ जाने वाले किसी भी कदम का डटकर विरोध करेगी और अपनी आवाज उठाएगी।
राणा गुरजीत ने यह भी साफ किया कि पार्टी के अंदर किसी भी तरह का कोई डेडलॉक नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कांग्रेस सेक्रेटरी सूरज ठाकुर से बात की है, जबकि भूपेश बघेल से कोई सीधी बातचीत नहीं हुई। उन्होंने कहा, “कोई भी नेता हाईकमान के दायरे से बाहर नहीं है। समय आने पर सभी मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा।”


