।जालंधर के सदर पुलिस स्टेशन इलाके के फतेहपुरी में एक मुठभेड़ हुई। पुलिस ने उस व्यक्ति को गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया जिसने 28 फरवरी को वरदान अस्पताल में गोलीबारी की थी। आरोपी शाहकोट का रहने वाला है और उसकी पहचान योद्धा के तौर पर हुई है। योद्धा ‘लकी पटियाला’ ग्रुप से जुड़ा है। मौके पर पुलिस के सीनियर अधिकारी मौजूद हैं।
जालंधर पुलिस को वरदान अस्पताल गोलीकांड मामले में बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी जोध सिंह उर्फ योद्धा को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने उसके पास से दो हथियार भी बरामद किए हैं।शुरुआती जांच से पता चला है कि वह विदेश में रह रहे गैंगस्टर लकी पटियाला के गैंग से जुड़ा है।
पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने बताया कि CIA स्टाफ ने गुप्त सूचना के आधार पर नाकाबंदी की थी। जब पुलिस ने आरोपी को रुकने का इशारा किया, तो वह मोटरसाइकिल पर भागने लगा। इस दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और गिरने के बाद उसने पुलिस टीम पर गोली चला दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि योद्धा शाहकोट का रहने वाला है और मोगा व मोहाली पुलिस को कई मामलों में उसकी तलाश थी। पुलिस के मुताबिक, उसने करीब दो-तीन महीने पहले जालंधर में वरदान अस्पताल के बाहर भी गोलीबारी की थी। उससे बरामद हेलमेट और हथियार CCTV फुटेज से मेल खाते हैं, जिससे उसकी संलिप्तता की पुष्टि हुई है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने पैसों के लेन-देन और इस साजिश से जुड़े कुछ अन्य नामों का भी खुलासा किया है। शुरुआती जांच से पता चला है कि कनाडा में रहने वाले एक व्यक्ति ने वरदान अस्पताल से जुड़े विवाद के कारण गोलीबारी के लिए पैसे दिए थे। उस व्यक्ति की पहचान और भूमिका की जांच चल रही है।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को हेलमेट पहने हमलावर ने मोटा सिंह नगर स्थित वरदान अस्पताल के गेट पर कुछ ही सेकंड में चार-पांच राउंड फायरिंग की थी।इस घटना के बाद, तत्कालीन पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने पुलिस की लापरवाही के कारण मॉडल टाउन के ACP परमिंदर सिंह और SHO रविंदर कुमार को सस्पेंड कर दिया था। अब पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ के ज़रिए पूरे गिरोह और साज़िश के बारे में और भी अहम जानकारी सामने आएगी।


