पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पारंपरिक राजनीतिक दलों पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि ये पार्टियां धर्म का गलत इस्तेमाल कर रही हैं और उन्हें बदनाम करने के लिए लगातार झूठा प्रचार कर रही हैं, क्योंकि वे न तो ऐतिहासिक ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम-2026’ के पारित होने को पचा पा रही हैं और न ही इस बात को कि एक आम परिवार का बेटा पंजाब में सरकार को सही ढंग से चला रहा है।
चब्बेवाल विधानसभा क्षेत्र के बिहाला गांव में ‘लोक मिलनी’ के दौरान लोगों की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने लोगों के अपार प्यार, सम्मान और आशीर्वाद के लिए उनका धन्यवाद किया और कहा कि लोगों की यह भारी प्रतिक्रिया राज्य सरकार की नीतियों और इरादों में उनके अटूट विश्वास को दर्शाती है।’लोक मिलनी’ को लोगों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जहां मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को सुनने के लिए न केवल पंडाल में बल्कि आसपास के घरों की छतों, बालकनियों और मुंडेरों पर भी हजारों लोग जमा हुए।
इलाके के लोगों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान तालियों और नारों के साथ मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का सम्मान किया और उनके जन-हितैषी कार्यों के सम्मान में उन्हें श्री साहिब (तलवार) भेंट की। इस प्यार और समर्थन के लिए लोगों का धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों से मिलने वाला ऐसा अपार प्यार पंजाब और उसके लोगों की भलाई, प्रगति और समृद्धि के लिए दिन-रात काम करने के उनके संकल्प को और मजबूत करता है।
जनसभा के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं उस परमात्मा का आभारी हूं जिसने मुझे ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम-2026’ लाने का अवसर दिया। जब भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं हुईं, तो करोड़ों लोगों के दिल टूट गए। हमेशा यह उम्मीद रहती थी कि दोषियों को पकड़ा जाएगा। कई बार उन्हें गिरफ्तार भी किया गया, लेकिन कानून की कमियों का फायदा उठाकर, मानसिक रूप से बीमार होने का दावा करके वे सजा से बच जाते थे।
भगवान ने मुझे कानूनी विशेषज्ञों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद यह बिल लाने की शक्ति और सामर्थ्य दिया है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार ने इस बिल को बहुत सावधानी से तैयार किया है ताकि भविष्य में कोई भी संशोधन या कमी इसे कमज़ोर न कर सके। यह असामाजिक तत्वों के लिए एक सबक होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकेगा।” अकाली दल पर कड़ा प्रहार करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “जब वे सत्ता में थे, तो उन्होंने ऐसा कानून बनाने के बारे में कभी गंभीरता से नहीं सोचा।
सच तो यह है कि उनकी नीयत ही खराब थी। अकालियों ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए बेअदबी की घटनाओं को होने दिया। उन्होंने अकाल तख्त साहिब के सामने अपनी गलतियां मानीं भी थीं, लेकिन बाद में सार्वजनिक रूप से उनसे मुकर गए। जो लोग तख्त साहिब के सामने झूठ बोल सकते हैं, वे कभी किसी के प्रति वफादार नहीं हो सकते। लोगों को ऐसे नेताओं से सावधान रहना चाहिए जो किसी के काम के नहीं हैं और राज्य को लूटने के लिए सिर्फ राजनीतिक सत्ता चाहते हैं।”मुख्यमंत्री ने दावा किया, “अकालियों ने अपने निजी हितों के लिए धर्म का गलत इस्तेमाल किया है। जत्थेदार अकालियों की मर्जी से नियुक्त किए जाते हैं और इसीलिए वे राजनीति कर रहे हैं। एक जत्थेदार ने जनता के विरोध के डर से सुबह-सुबह पद संभाला था और अब वे धर्म की आड़ में मेरे खिलाफ साजिश रच रहे हैं। इन लोगों का कोई और एजेंडा नहीं है, बस किसी भी तरह मुझे बदनाम करना है।”कांडी क्षेत्र में विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जल्द ही, खेती को बढ़ावा देने के लिए कांडी क्षेत्र के हर कोने-कोने तक नहर का पानी पहुंचेगा। राज्य सरकार इस पवित्र क्षेत्र में खेती के विकास के लिए अथक प्रयास कर रही है। पिछली सरकारों के उदासीन रवैये के कारण यह क्षेत्र उपेक्षित रहा। एक तरफ हम इस क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ा रहे हैं और दूसरी तरफ खेती को मजबूत कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार विदेशों की ओर पलायन के चलन को बदलकर आम लोगों की किस्मत बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। पंजाब के युवाओं को रोजगार की तलाश में विदेश नहीं जाना पड़ेगा क्योंकि हम रोजगार के नए रास्ते खोल रहे हैं। हमारा मकसद युवाओं को राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बनाना और शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देना है।”


