मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्र आज Telegram का इस्तेमाल कर रहे हैं. फ्री नोट्स, टेस्ट सीरीज, पीडीएफ और डाउट सॉल्विंग जैसे फीचर्स के कारण यह प्लेटफॉर्म छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय हो चुका है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि Telegram जितना मददगार है, उतना ही नुकसानदायक भी साबित हो सकता है।
हाल ही में NEET-UG री-एग्जाम को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है.केंद्र सरकार ने 21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए Telegram पर 22 जून तक अस्थायी रोक लगाने का फैसला लिया है. साथ ही 30 जून तक मैसेज एडिट करने की सुविधा भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
सरकार का मानना है कि इससे फर्जी पेपर लीक और गलत सूचनाओं को फैलने से रोका जा सकेगारिपोर्ट्स के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में Telegram शिक्षा से जुड़े कंटेंट का बड़ा माध्यम बनकर उभरा है. NEET और JEE की तैयारी करने वाले छात्रों को यहां महंगे कोचिंग नोट्स, डीपीपी, ई-बुक्स और विभिन्न विषयों की पीडीएफ फाइलें मुफ्त में उपलब्ध हो जाती है।
कई कोचिंग संस्थान भी अपने आधिकारिक चैनलों के माध्यम से अध्ययन सामग्री साझा करते हैं.इसके अलावा Telegram पर रोजाना क्विज, मॉक टेस्ट और एमसीक्यू प्रैक्टिस सेशन आयोजित किए जाते हैं. इससे छात्रों को समयबद्ध तरीके से प्रश्न हल करने का अभ्यास मिलता है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
Telegram के कई स्टडी ग्रुप्स में छात्र आपस में जुड़कर कठिन विषयों पर चर्चा करते हैं और अपने सवालों का समाधान खोजते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों या छोटे शहरों में रहने वाले छात्रों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रही है, जहां कोचिंग संसाधनों की कमी होती है.


