अमृतसर की एक अदालत ने शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को अंतरिम ज़मानत दे दी है। उन पर पुलिस स्टेशन के अंदर कागज़ात फाड़ने और अपने समर्थक को छुड़ाने का आरोप था। इसके बाद पुलिस उन्हें गिरफ़्तार करने के लिए छापेमारी कर रही थी।अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता और वकील अर्शदीप सिंह क्लेर ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान अमृतसर में मजीठिया के ख़िलाफ़ दर्ज किया गया
कथित झूठा मामला एक बार फिर गलत साबित हुआ है और अदालत ने उन्हें ज़मानत दे दी है।क्लेर ने कहा कि अदालती फ़ैसले सबूतों पर आधारित होते हैं, न कि मुख्यमंत्री के बयानों पर। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री पहले बड़े-बड़े दावे करते थे, लेकिन अब वह क्या कहेंगे?
उनके अनुसार, अदालतों में सरकार के कामकाज को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। क्लेर ने दावा किया कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पहले जोबनजीत की गिरफ़्तारी को असंवैधानिक और अनैतिक घोषित किया था, और अब मजीठिया को भी राहत मिल गई है।


