पंजाब के शहरों को साफ़ बनाने के लिए पंजाब सरकार के नए आदेशों के मुताबिक, अब म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (नगर निगम) और म्युनिसिपल काउंसिल (नगर परिषद) के बड़े अधिकारियों को अपने ऑफिस छोड़कर सीधे सड़कों पर उतरना होगा। सरकार ने अधिकारियों के लिए हर दिन सुबह 7:00 बजे से 8:00 बजे तक शहर की सड़कों पर रहने का समय तय किया है,
इस दौरान अधिकारी शहर की सफ़ाई व्यवस्था का ज़मीनी स्तर पर जायज़ा लेंगे। यह नई व्यवस्था आज से लागू हो गई है। लोकल गवर्नमेंट मिनिस्टर हरजोत सिंह बैंस ने खुद सुबह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के ज़रिए राज्य के सभी म्युनिसिपल कमिश्नरों और म्युनिसिपल काउंसिलों के एग्जीक्यूटिव अधिकारियों (EO) की हाज़िरी चेक की।
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने अभियान की ज़मीनी हकीकत का जायज़ा लेने के लिए कई अधिकारियों से वीडियो कॉल के ज़रिए अपनी लाइव लोकेशन दिखाने को कहा। मंत्री जब लुधियाना म्युनिसिपल कमिश्नर डा. नीरू कत्याल गुप्ता से वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए जुड़े, तो वे बस स्टैंड के पास सफ़ाई व्यवस्था का जायज़ा ले रहे थे।
म्युनिसिपल कमिश्नर डॉ. गुप्ता ने मंत्री को बताया कि लुधियाना के चारों ज़ोन के ज़ोनल कमिश्नर भी फ़ील्ड में हैं, जो शहर के अलग-अलग हिस्सों में सफ़ाई की स्थिति पर नज़र रख रहे हैं। मंत्री बैंस ने साफ़ किया कि इस कैंपेन के बारे में सभी चीफ़्स को गाइडलाइंस पहले ही जारी कर दी गई हैं और अब उनका सख्ती से पालन किया जा रहा है।
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि वह हर दिन सुबह 7 से 8 बजे तक वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए अफ़सरों की फ़ील्ड अटेंडेंस चेक करेंगे। इसके अलावा, वह और लोकल गवर्नमेंट डिपार्टमेंट के सीनियर अफ़सर भी अफ़सरों की लोकेशन का इंस्पेक्शन करने के लिए फ़ील्ड में जाएँगे। उन्होंने कहा कि इस एक्सरसाइज़ का मकसद शहरों को साफ़ रखना है।


