Monday, April 27, 2026

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भारत और न्यूजीलैंड में ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता, कई सामान होगें सस्ते

भारत और न्यूजीलैंड ने आज एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर कर व्यापारिक रिश्तों के नए युग की शुरुआत कर दी है. वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में, दोनों देशों ने रिकॉर्ड 9 महीनों के भीतर इस समझौते को अंजाम देकर दुनिया को एक मजबूत संदेश दिया है।

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने दस्तावेजों का आदान-प्रदान कर इस ‘वन्स ए जनरेशन’ (पीढ़ी में एक बार होने वाले) समझौते पर मुहर लगाई।संयुक्त बयान के दौरान वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने क्रिकेट की शब्दावली का इस्तेमाल करते हुए कहा, ‘आज हिंद महासागर थोड़ा छोटा और दो बड़े लोकतंत्रों के बीच का बंधन और भी मजबूत महसूस हो रहा है।

हम ऐसे समय में मिल रहे है जब दुनिया नए साझेदार चुन रही है, और इस बदलती दुनिया में भारत और न्यूजीलैंड ने एक-दूसरे को चुना है।कीवी पर कोटा-आधारित शुल्क में भारी कटौती की गई है. एक निश्चित मात्रा तक अब यह बिना किसी अतिरिक्त टैक्स के भारत आ सकेगा।सेब न्यूजीलैंड के सेबों पर लगने वाले टैक्स में 50% तक की कटौती का प्रावधान है।

बेरीज और अन्य फल: एवोकैडो, ब्लूबेरी, चेरी और पर्सिमोन (Persimmons) जैसे प्रीमियम फल अब कम दामों पर उपलब्ध होंगे। न्यूजीलैंड की वाइन दुनियाभर में मशहूर है. भारत अब तक इस पर 150% तक भारी शुल्क लगाता था, जिसे अब कम करके 25% से 50% (वाइन की कीमत के आधार पर) के दायरे में लाया जाएगा. इससे अच्छी क्वालिटी की कीवी वाइन भारत में काफी सस्ती हो जाएगी।

न्यूजीलैंड से आने वाले सैल्मन (Salmon) और मसल्स (Mussels) जैसे समुद्री जीवों पर टैक्स कम या खत्म किया जा रहा है।भेड़ का मांस और ऊन: न्यूजीलैंड से आने वाले भेड़ के मांस (Lamb) और ऊन पर तत्काल प्रभाव से ड्यूटी खत्म कर दी गई है। इससे सर्दियों के ऊनी कपड़े और कंबल सस्ते हो सकते है लकड़ी (Timber): निर्माण और फर्नीचर में इस्तेमाल होने वाली न्यूजीलैंड की लकड़ी और वानिकी उत्पादों पर 95% तक शुल्क हटा दिया गया है। यह सब सामान अब सस्ता हो जाएगा।

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