सोमवार से चल रही मॉनिटरी पॉलिसी मीटिंग के बाद केंद्रीय बैंक RBI ने रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखने का फैसला लिया है। बुधवार सुबह 10 बजे केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी ने रेपो रेट को अपरिवर्तित रखने का फैसला लिया है।
क्लियर है कि रेपो रेट से लिंक्ड आपके होम लोन, कार लोन या अन्य लोन की EMI नहीं बढ़ेगी। यानी आपको इन लोन्स के लिए ज्यादा किस्त नहीं भरनी होगी।RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि मौद्रिक नीति समिति ने तटस्थ रुख को बनाये रखने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा, ‘घरेलू महंगाई के मोर्चे पर राहत भरे आंकड़े है। महंगाई नियंत्रण में है और ग्रोथ आउटलुक भी सकारात्मक है,हालांकि खाद्य पदार्थों के दाम थोड़े बढ़े हैं.’
उन्होंने कहा कि तमाम ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच भारतीय इकोनॉमी जुझारू बनी हुई है.’ भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में नए वित्त वर्ष की पहली मौद्रिक नीति समिति की बैठक संपन्न हुई. तीन दिनों (6 से 8 अप्रैल) तक चली इस बैठक में समिति के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से मुख्य ब्याज दर यानी ‘रेपो रेट’ को 5.25% पर स्थिर रखने का निर्णय लिया।
ब्लूमबर्ग द्वारा ट्रैक किए गए सभी 33 अर्थशास्त्रियों ने पहले ही यह अनुमान जताया था कि वैश्विक और घरेलू स्थितियों के आकलन के बीच आरबीआई दरें यथावत रखेगा।बता दें कि फरवरी 2024 से अब तक RBI ने कुल 125 बेसिस प्वाइंट यानी आधार अंकों की कटौती की है।आखिरी कटौती दिसंबर 2025 में दर्ज की गई थी।


