बठिंडा की स्थानीय अदालत ने सोशल मीडिया पर मशहूर हुई कंचन कुमारी उर्फ कमल भाभी हत्याकांड के मामले में अमृतपाल सिंह मेहरों को भगोड़ा घोषित कर दिया है। अदालत ने मेहरों को बार-बार समन भेजे थे, इसके बावजूद वह पेश नहीं हुआ जिसके बाद उसके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार, अमृतपाल सिंह मेहरों ने हत्याकांड को अंजाम देने के बाद देश से फरार हो गया था और माना जा रहा है कि वह इस समय संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में छिपा हुआ है। मेहरों को पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में नामजद किया हुआ है और वह ‘कौम दे राखे’ नामक रेडिकल ग्रुप की अगुवाई करता है।
मेहरों को बठिंडा से भगाने वाले मुलजिम रणजीत सिंह को दो दिन पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में मेहरों के साथी जसप्रीत सिंह और निमरजीत सिंह भी आरोपी हैं। जसप्रीत सिंह और निमरजीत सिंह पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
पुलिस के मुताबिक, 9 और 10 जून की दरमियानी रात को इन लोगों ने कंचन कुमारी का गला घोंटकर हत्या कर दी थी। बाद में उसकी लाश को बठिंडा के भुचो क्षेत्र में स्थित आदेश मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की पार्किंग में फेंक दिया था। अगले दिन लाश की बरामदगी हुई, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।



