मोहाली के फेज-8 स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा अंब साहिब से जुड़ी करोड़ों रुपये की 44 मरला जमीन को कौड़ियों के भाव बेचने के गंभीर मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कड़ा रुख अपनाया है। धामी ने साफ कहा कि यह मामला गुरु घर की अमानत के साथ धोखा है और मैं किसी भी हालत में समझौता नहीं करूंगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसजीपीसी अध्यक्ष ने कहा कि मामले में शामिल मैनेजर को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी सिफारिश की गई है। उन्होंने कहा कि मैनेजर ने खुद अपने बयान में माना है कि धोखे से जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और उनके आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई।
धामी ने स्पष्ट किया कि किसी भी मैनेजर को व्यक्तिगत रूप से एसजीपीसी की जमीन बेचने या रजिस्ट्री करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी की हर जमीन पहले खुली बोली के जरिए बेची जाती है, फिर एग्जीक्यूटिव कमेटी की मंजूरी के बाद। उन्होंने कहा कि इस मामले में पूरी प्रक्रिया को तोड़ा गया, जो साफ तौर पर साजिश की ओर इशारा करता है।
S.G.P.C. के प्रेसिडेंट ने कहा कि सैनीमाजरा गांव में रजिस्ट्रेशन कैंसिल करवाने के लिए तहसीलदार के पास ऑब्जेक्शन दर्ज कर दिया गया है और S.D.M. लेवल पर म्यूटेशन रोकने का प्रोसेस भी शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि जमीन खरीदने वाले लोगों के रोल की भी पूरी जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस मामले की पूरी जांच के लिए S.G.P.C. की तरफ से 5 मेंबर वाली सब-कमेटी भी बनाई गई है, जो सभी फैक्ट्स की जांच करके रिपोर्ट देगी। इसके साथ ही डिपार्टमेंटल और लीगल दोनों तरह की कार्रवाई एक साथ की जा रही है। हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि S.G.P.C. के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि चाहे कोई भी छोटा या बड़ा हो, गुरु घर की प्रॉपर्टी के साथ धोखा करने वाले को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि S.G.P.C. की जमीन संगत की अमानत है और इसकी हिफाजत के लिए हर मुमकिन कदम उठाया जाएगा। गौरतलब है कि मोहाली के फेज-8 में मौजूद ऐतिहासिक गुरुद्वारा अंब साहिब की गांव सैनी माजरा में करोड़ों रुपये की जमीन को गुरुद्वारे के मैनेजर और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अधिकारियों की कथित मिलीभगत से बिना किसी खुली बोली के बेच दिया गया था।
S.G.P.C. के सेक्रेटरी ने अपने लेटर में लिखा था कि इस जमीन पर कथित तौर पर कुछ लोगों का कब्जा है, इसलिए इस जमीन को बेच दिया जाए। इसके बाद इस 44 मरला जमीन को बिना किसी नियम के सिर्फ 1 करोड़ 32 लाख रुपये में बेच दिया गया, जबकि इस जमीन की कीमत 15-20 करोड़ रुपये है। इसके बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की मेंबर परमजीत कौर लांडरां और स्थानीय लोगों ने SGPC प्रेसिडेंट हरजिंदर सिंह धामी से मामले की जांच की मांग की थी।



