Friday, July 17, 2026

Google search engine
Homeनेशनलबसंत पंचमी की पूजा और जुमे की नमाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट...

बसंत पंचमी की पूजा और जुमे की नमाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने खास इंतेजाम करने का दिया आदेश

मध्य प्रदेश की धार भोजशाला में 23 जनवरी को बसंत पंचमी की पूजा और जुमे की नमाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने खास इंतेजाम करने का आदेश दिया है. गुरुवार (22 जनवरी, 2025) को कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई की और आदेश दिया कि बसंत पंचमी की पूजा और जुमे की नमाज के लिए परिसर में अलग-अलग स्थान पर इंतेजाम किए जाएं ताकि टकराव की स्थिति न बने।

दोनों समुदायों के लोगों के आने-जाने के लिए रास्ता भी अलग-अलग रखा जाएहिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस नाम की संस्था ने बसंत पंचमी के दिन मुसलमानों को वहां नमाज पढ़ने से रोकने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी. सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष ने कहा कि बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा सूर्यादय से सूर्यास्त तक चलती है।

वहीं, मुस्लिम पक्ष की दलील है कि जुमे की नमाज का समय दोपहर 1 से 3 बजे तक है और इस नमाज का वक्त तय है, इसको शिफ्ट नहीं किया जा सकता है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने कहा, ‘हमारे सामने सिर्फ 2003 में आए ASI के आदेश का मामला है. उस आदेश में ASI ने शुक्रवार को नमाज और मंगलवार और बसंत पंचमी की पूजा की अनुमति दी थी।

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि इस साल शुक्रवार को ही बसंत पंचमी है. हमारे सामने दलील दी गई कि इसके चलते प्रशासन को व्यवस्था बनाने में दिक्कत हो सकती है. हमने मस्जिद पक्ष, एमपी सरकार और ASI को सुना. याचिकाकर्ता को भी सुना. सीजेआई ने आदेश देते हुए कहा, ‘राज्य सरकार ने बताया कि मुस्लिम 1 से 3 बजे के बीच आना चाहते है।

उनके आने-जाने के लिए अलग रास्ता रखा गया है. नमाज की जगह भी तय कर दी गई है. हिंदू पक्ष की पूजा की भी जगह तय कर दी गई है. उन्होंने आश्वस्त किया कि कानून-व्यवस्था का ध्यान रखा जाएगा.’।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments