पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ऑल इंडिया और सेंट्रल सर्विसेज़ के अधिकारियों से कहा है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनका हर एडमिनिस्ट्रेटिव फैसला आम आदमी की भलाई और राहत के लिए हो।
यहां महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (MGSIPA) में स्पेशल फाउंडेशन कोर्स (SFC) के लिए पहुंचे 32 IPS, IRS और दूसरी सर्विसेज़ के अधिकारियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने ज़ोर दिया कि पद के साथ ज़िम्मेदारी भी आती है और शासन का आकलन नागरिकों के जीवन पर इसके असर से होना चाहिए।
उन्होंने MGSIPA को ऐसे प्रोग्राम की मेज़बानी करके देश के टॉप पांच स्टेट एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में जगह बनाने के लिए बधाई दी, जो पंजाब के अधिकारियों के लिए एक प्रोफेशनल आउटरीच है। अधिकारियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जानकर खुशी हुई कि 2021 बैच के इन अधिकारियों के लिए लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन मसूरी के साथ मिलकर 10 हफ़्ते का स्पेशल फाउंडेशन कोर्स कराया जा रहा है।
इस ग्रुप में IPS, इंडियन फॉरेस्ट सर्विस, IRS (इनकम टैक्स और कस्टम दोनों), इंडियन पोस्टल सर्विस, इंडियन इनफॉर्मेशन सर्विस, इंडियन सिविल अकाउंट्स सर्विस, इंडियन P&T फाइनेंस सर्विस, इंडियन कमर्शियल सर्विस और इंडियन कॉर्पोरेट लॉ सर्विस के अधिकारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली बार है कि MGSIPA, लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन, मसूरी की ओर से स्पेशल फाउंडेशन कोर्स (SFC) आयोजित कर रहा है।
आमतौर पर ऐसे कोर्स नेशनल पुलिस एकेडमी और नेशनल एकेडमी ऑफ डायरेक्ट टैक्स जैसी नेशनल एकेडमी करवाती हैं। उन्होंने कहा कि MGSIPA के इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतरीन फैकल्टी को ध्यान में रखते हुए मसूरी एकेडमी ने इसे चुना है। यह जवाबदेह शासन को दिखाता है। ट्रेनिंग ले रहे अधिकारियों ने पंजाब सरकार की कई नई पहलों की तारीफ की और ग्राउंड लेवल पर उनके ठोस नतीजों को पहचाना।


