सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की ज़मानत याचिका हुई। जिसमें पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया। अभी नाभा जेल में बंद मजीठिया ने अपनी रिहाई के लिए देश के सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था, जिस पर कोर्ट ने राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए चार हफ़्ते का समय दिया है।
इससे पहले अकाली नेता ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में ज़मानत के लिए अर्ज़ी दी थी, लेकिन उन्हें वहां से कोई राहत नहीं मिली और उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। उन्होंने हाई कोर्ट के इसी फ़ैसले को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है, जिस पर आज सुनवाई हुई।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 जनवरी, 2026 तय की है। अब पंजाब सरकार के जवाब दाखिल करने के बाद ही कोर्ट इस पर विचार करेगा कि मजीठिया को ज़मानत दी जाए या नहीं। फिलहाल मजीठिया को जेल में ही रहना होगा।


