इंडिगो एयरलाइंस में चल रहे बड़े ऑपरेशनल संकट के बीच 6 दिसंबर की सुबह यात्रियों के लिए थोड़ी राहत लेकर आई है। देशभर के अधिकांश एयरपोर्ट्स से इंडिगो ने उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं, हालांकि फिलहाल केवल सीमित संख्या में फ्लाइट्स ही ऑपरेट की जा रही है।
कई उड़ानें आज भी रद्द हैं, लेकिन संख्या धीरे-धीरे कम की जा रही है।एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि पूरी तरह सामान्य संचालन में अभी कुछ दिन और लगेंगे।अनुमान है कि 10 से 15 दिसंबर तक इंडिगो अपने नियमित शेड्यूल में लौट सकती है.यात्रियों की परेशानियां फिलहाल खत्म नहीं हुई है।
रिफंड, रीबुकिंग और अपडेट्स में देरी की शिकायतें लगातार आ रही है। ऐप और वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक की वजह से कई यात्री अभी भी अपनी उड़ानों से जुड़ी जानकारी हासिल नहीं कर पा रहे है।सरकार ने घरेलू फ्लाइट किरायों पर लगाया कैपइंडिगो संकट और बढ़ते हवाई किरायों के बीच सरकार ने घरेलू उड़ानों के किराए की अधिकतम सीमा तय कर दी है।यह नियम 6 दिसंबर 2025 से तुरंत लागू हो गया है।
नई कीमतें इस प्रकार हैं:दूरी (किलोमीटर) अधिकतम किराया
0–500 KM ₹7,500
500–1000 KM ₹12,000
1000–1500 KM ₹15,000
1500 KM से ज्यादा ₹18,000
इस कीमत में UDF, PSF और टैक्स शामिल नहीं हैं। यह सीमा बिजनेस क्लास और UDAN फ्लाइट्स पर लागू नहीं होगा।राहत के लिए उठाए गए कदमस्थिति को देखते हुए स्पाइसजेट और एयर इंडिया ने आगे आते हुए अतिरिक्त उड़ानें शुरू की हैं, ताकि अचानक बढ़े यात्री भार को संभाला जा सके और फंसे हुए यात्रियों को वैकल्पिक विकल्प मिल सके।
उधर, रेल मंत्रालय ने भी मोर्चा संभाला और यात्रा की मांग बढ़ने पर विशेष ट्रेनें चलाईं. इसके साथ ही 37 नियमित ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच जोड़े गए, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को खासा लाभ मिला।नागर विमानन मंत्रालय ने स्थिति को गंभीर मानते हुए 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है।मंत्रालय लगातार उड़ानों की स्थिति, अचानक बढ़े किराए और यात्रियों को दी जा रही जानकारी पर निगरानी रख रहा है।


