भारत चुनाव आयोग ने तरनतारन उपचुनाव से जुड़े एफआईआर के मुद्दे पर बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को 25 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी स्थित अपने मुख्यालय में हाजिर होने का निर्देश दिया है।सूत्रों के अनुसार, आयोग ने यह कार्रवाई एडीजीपी राम सिंह की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद की है, जिन्हें आयोग ने इस मामले पर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा था।
बता दे कि सुखबीर बादल की नेतृत्व वाली अकाली दल ने चुनाव पर्यवेक्षक के पास इस मुद्दे पर शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि AAP सरकार के इशारे पर पुलिस अकाली कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है और झूठे केस दर्ज कर रही है।भारत चुनाव आयोग ने डीजीपी को तरनतारन उपचुनाव के दौरान कथित गलत एफआईआर और गिरफ्तारियों की समीक्षा पर स्टेटस रिपोर्ट के साथ 25 नवंबर को दिल्ली बुलाया है।
यह कार्रवाई 13 नवंबर को सबमिट की गई रिपोर्ट के आधार पर हुई है, जिसमें नौ एफआईआर का जिक्र है जो अमृतसर, मोगा, बटाला और तरनतारन में दर्ज की गई थी। चुनाव आयोग ने पहले तरनतारन एसएसपी रवजोत कौर ग्रेवाल को सस्पेंड किया था। उपचुनाव 11 नवंबर को हुआ था, जिसमें AAP के हरमीत सिंह संधू ने जीत हासिल की थी।


