पंजाबी गायक राजवीर जवंदा की 8 अक्तूबर को हरियाणा के पिंजौर में एक सड़क दुर्घटना के बाद मौत हो गई। इस मामले को लेकर अब पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राजवीर को उस निजी अस्पताल में उचित उपचार नहीं मिला जहाँ दुर्घटना के तुरंत बाद उन्हें भर्ती कराया गया था।
उन्हें प्राथमिक उपचार भी नहीं दिया गया। राजवीर के मामले पर आधारित इस याचिका में भविष्य में पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा के अस्पतालों में उचित उपचार सुनिश्चित करने के लिए एक मज़बूत व्यवस्था की मांग की गई है।इस मामले की सुनवाई 27 अक्तूबर को होगी। यह याचिका अधिवक्ता नवकिरण सिंह ने दायर की है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में हमें इस बात की जानकारी नहीं थी कि दुर्घटना पिंजौर में हुई है।
इसलिए हमने पहले हिमाचल उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। बाद में, जब हमें पता चला कि दुर्घटना पिंजौर में हुई है, तो मैं एक पत्रकार के साथ घटनास्थल पर गया। वहां जाकर पूरी स्थिति का जायजा लिया और डीडीआर की एक कापी ली।वकील ने बताया कि डीडीआर कॉपी में गायक के साथ मौजूद लोगों ने लिखा है कि जब वे राजवीर को अस्पताल ले गए, तो उन्हें प्राथमिक उपचार नहीं दिया गया। हमें लगा कि यह एक गंभीर चूक है।
इसलिए हमने जनहित याचिका दायर की है।हमने मांग की है कि चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के सभी सरकारी और निजी अस्पताल यह सुनिश्चित करें कि दुर्घटना में घायल किसी भी व्यक्ति को तुरंत और उचित इलाज मिले।वकील ने कहा कि हमने राजवीर के मामले को एक उदाहरण के तौर पर पेश किया है, क्योंकि ऐसी दुर्घटना किसी के साथ भी हो सकती है।
एडवोकेट नवकिरण सिंह ने कहा कि याचिका में निजी अस्पताल को भी पक्षकार बनाया गया है और मांग की गई है कि पीजीआई मामले की जांच करे। अगर जांच में अस्पताल की ओर से कोई गलती या चूक पाई जाती है, तो कार्रवाई की जाए और अगर कोई लापरवाही नहीं पाई जाती है, तो कोई कार्रवाई न की जाए।


