इस साल शारदीय नवरात्र सूर्य ग्रहण के ठीक अगले दिन शुरू हो रहे हैं. लेकिन यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए नवरात्र के धार्मिक कार्यों पर इसका इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व है.
इस पावन अवसर पर माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिपूर्वक आराधना की जाती है. श्रद्धालु 9 दिन तक व्रत रखते हुए मां दुर्गा की भक्ति में लीन हो जाते है मान्यता है कि इस व्रत को करने से जातक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि lका वास होता है.इस साल शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से आरंभ हो रहे हैं.
खास बात यह है कि इसके ठीक एक दिन पहले साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगने वाला है।साल 2025 का अंतिम सूर्य ग्रहण 21 सितंबर की रात 11 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर की सुबह 3 बजकर 23 मिनट तक रहेगा.
ज्योतिषी के अनुसार, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसी कारण इसका नवरात्र पर्व और घटस्थापना पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है. शास्त्रों के अनुसार, केवल वही ग्रहण धार्मिक कार्यों को प्रभावित करते हैं जो भारत में प्रत्यक्ष दिखाई देते हैं।


