Sunday, April 26, 2026

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किन्नौर में बादल फटा, गाड़ियां बहीं… जान बचाने के लिए जंगल में भागे लोग, इधर 22 दिन बंद रहने के बाद वैष्णो देवी यात्रा फिर से शुरू

NRI SANJH JALANDHAR (19 SEPTEMBER)

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में बादल फटा (Kinnaur cloudburst) है। किन्नौर जिले के निचार में बादल फटने से भारी तबाही मची है। भारी बारिश के बाद पहाड़ों से आया सैलाब सुबकुछ बहाकर ले गया। पानी के बहाव से कई गाड़ियां बह गईं और कुछ मकान क्षतिग्रस्त हो गए। जान बचाने के लिए लोग जंगल में भागे। वहीं, शिमला के एडवर्ड स्कूल के पास भी रात में लैंडस्लाइड हुई। शिमला की लाइफ लाइन कहे जाने वाली सर्कुलर रोड बंद है।

इधर भूस्खलन और भारी बारिश के कारण पिछले 22 दिन से स्थगित वैष्णो देवी यात्रा फिर से शुरू हो गई है। माता वैष्णो देवी यात्रा बृहस्पतिवार को फिर बहाल कर दी गई। इसके लिए पंजीकरण भी शुरू हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि मौसम में सुधार के साथ कल सुबह यात्रा फिर से शुरू हो गई और यह सुचारू रूप से चल रही है। 

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में गुरुवार देर रात के समय अचानक बादल फटा और कुछ ही देर में नाले व जलस्रोत उफान पर आ गए। पानी और मलबे का सैलाब सड़कों और गांवों में घुस गया. आपदा के बाद पूरे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल रहा। कई वाहन बह गए, जबकि कुछ मलबे के नीचे दब गए। सड़कों पर भारी मलबा जमा होने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और प्रभावित इलाकों में राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया।

वहीं, शिमला में एडवर्ड स्कूल के पास गुरुवार रात करीब 1 बजे लैंडस्लाइड हो गया। पहाड़ी खिसकने से बहुमंजिला मकान को खतरा पैदा हो गया है, इस घटना के बाद शिमला की लाइफ लाइन कहे जाने वाले सर्कुलर रोड को यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। सुरक्षा को देखते हुए डीसी शिमला ने एडवर्ड स्कूल में आज और कल की छुट्टी भी घोषित कर दी है। शिमला के कुमारसैन की करेवथी पंचायत में बीती शाम तीन मंजिला मकान जमीन धंसने से जमींदोज हो गया। कांगड़ा और हमीरपुर में भी पूरी रात जोरदार बारिश हुई।

606 सड़कें ठप, दो राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित

लगातार हो रही बारिश से हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, अब तक कुल 606 सड़कें बंद हो चुकी हैं. इसमें एनएच-3 (अटारी-लेह मार्ग) और एनएच-503ए (अमृतसर-भोटा मार्ग) जैसे दो राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। कुल्लू जिले में सबसे ज्यादा 203 सड़कें, मंडी में 198 और शिमला जिले में 51 सड़कें बंद हैं।

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