Sunday, April 26, 2026

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ममता कुलकर्णी को नहीं निकाला गया, लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का बड़ा बयान, बोली- उन्होंने किन्नर अखाड़े को कोई पैसे नहीं दिए

NRI SANJH JALANDHAR (3 FEBRUARY)

किन्नर अखाड़े से निष्कासित होने के बाद लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मैं खुद को निष्कासित नहीं मानती। उन्होंने ममता कुलकर्णी के बारे में भी कहा कि ममता कुलकर्णी को भी नहीं निकाला गया है। उनकी तबीयत खराब थी इसलिए वह स्नान करने नहीं आईं। ममता ने किन्नर अखाड़े को कोई पैसे नहीं दिए है। ममता के सभी अकाउंट फ्रीज हैं। ममता को बदनाम किया जा रहा है।

24 जनवरी को ममता ने लिया था संन्यास

बता दें कि बीते 24 जनवरी को बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने महाकुंभ में सन्यास लिया था। उन्होंने आचार्य महामंडलेश्वर डॉ लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से आशीर्वाद लिया था। लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने ही उनका पट्टाभिषेक किया था। ममता कुलकर्णी 25 वर्षों बाद भारत लौटी हैं। लौटते ही वे महाकुंभ में शामिल हुई थीं। उन्होंने 12 वर्षों की तपस्या के बाद कुंभ मेला 2012 में भी भाग लिया था। 12 वर्षों बाद फिर से महाकुंभ में शामिल हुई। जिसके बाद वे किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनी। उन्होंने अपना पिंडदान किया। जिसके बाद उनका पट्टाभिषेक किया गया।

किन्नर अखाड़े ने ममता को महामंडलेश्वर पद से हटाया

ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने को लेकर साधु संतों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही थी। वैष्णव किन्नर अखाड़े ने बगावत तक का ऐलान कर दिया था। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को फर्जी और अवैध करार दिया था। इतना ही नहीं किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने भी इस पर सवाल उठाया था। जिसके बाद किन्नर अखाड़े ने कार्रवाई करते हुए ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर पद से हटा दिया था। साथ ही लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को भी आचार्य महामंडलेश्वर पद से हटाकर उन्हें भी अखाड़े से बाहर कर दिया गया है। किन्नर अखाड़े की ओर से 50 लाख की मोटी रकम लेकर ममता को महामंडलेश्वर बनाने की बात भी सामने आई थी।

बसंती पंचमी के मौके पर अमृत स्नान जारी

महाकुंभ 2025 का तीसरा अमृत स्नान शुरु हो चुका है। साधु-सतों का जत्था त्रिवेणी संगम में अमृत स्नान जारी है। त्रिवेणी संगम में सबसे पहले सुबह 5 बजे सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े के संतों ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान सैकड़ों साधु-संत और नागा सन्यासियों के जय श्री राम, हर हर महादेव के नारे के पूरा महाकुंभ गूंज उठा। सभी साधु संतों ने हर हर महादेव की गूंज के साथ संगम में आस्था की डुबकी लगाई। त्रिवेणी संगम पर अमृत स्नान का यह सिलसिला दोपहर 2.25 बजे तक जारी रहेगा।

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