Sunday, April 19, 2026

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अकाल तख्त से सुनाई गई सजा के बाद गले में तख्ती लटकाकर पहुंचे सुखबीर बादल, करने होंगे ये सब काम

NRI SANJH JALANDHAR (3 DECEMBER)

श्री अकाल तख्त साहिब ने बेअदबी और राम रहीम को माफी देने के मामले में पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल को सजा सुनाई है। सजा के दौरान उन्हें जूठे बर्तन भी साफ करने होंगे।

सजा के दौरान नेताओं को गुरुद्वारे में वॉशरूम साफ करने होंगे, झाडू लगानी होगी। बर्तन साफ करने होंगे, यहीं नहीं सजा के दौरान गले में तख्ती भी लटकाकर रखनी होगी।

दअरसल, साल 2007 से 2017 तक अकाली दल- बीजेपी गठबंधन सरकार में सिख धर्म विरोधी कामों को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और उनके साथ कैबिनेट में रहे सिख चेहरों को धार्मिक सजा का ऐलान किया है। 2007 से लेकर 2017 के दौरान प्रकाश सिंह बादल मुख्यमंत्री थे।

श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा धार्मिक सजा मिलने के बाद आज (3 दिसंबर) शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल गले में तख्ती लटकाकर स्वर्ण मंदिर पहुंचे। उन्हें आज श्री हरमंदिर साहिब के प्रवेश द्वार पर बरछा लेकर सेवादार की वेशभूषा यानि चोला पहनकर एक घंटे के लिए ड्यूटी करनी होगी।

30 अगस्त को श्री अकाल तख्त साहिब ने सुखबीर सिंह बादल समेत अन्य नेताओं को तनखैया घोषित किया था। धर्म के अनुसार काम न करने शख्स को तनखैया घोषित किया जाता है।

श्री अकाल तख्त साहिब पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत नेता प्रकाश सिंह बादल को दिया फख्र-ए-कौम सम्मान वापस लेने का भी ऐलान किया है। दिसंबर 2011 में उन्हें ये सम्मान दिया गया था। फख्र-ए-कौम सम्मान सिख धर्म की सेवाओं के लिए दिया गया था।

इसके अलावा अकाल तख्त साहिब ने तीन दिन के अंदर सुखबीर सिंह बादल का शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा मंजूर करने का आदेश भी अकाली दल की वर्किंग कमेटी को दिया है।

सुखबीर सिंह बादल के अलावा सुखदेव सिंह ढींडसा, सुचा सिंह लंगाह, बलविंदर सिंह भुंदड़, दलजीत सिंह चीमा, हीरा सिंह गाबड़िया, गुलजार सिंह रानिके मंगलवार और बुधवार को दो दिन 12 बजे से 1 बजे तक स्वर्ण मंदिर में वाशरूम की सफाई करेंगे। बादल और ढींडसा व्हील चेयर पर हैं अगर वे सफाई नहीं कर सकते तो उन्हें 2 दिन स्वर्ण मंदिर के गेट पर पहरा देना होगा।

पूर्व सांसद सुखदेव सिंह ढींडसा भी श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दी गई धार्मिक सजा के बाद गले में तख्ती लटकाकर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर पहुंचे। सजा के अनुसार उन्हें स्वर्ण मंदिर में सेवादार के रूप में काम करना होगा, जिसमें बर्तन और जूते साफ करने का निर्देश भी शामिल है।

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