Monday, April 27, 2026

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संसद का शीतकालीन सत्र आज से: 16 विधेयक होंगे पेश; विपक्ष उठा सकता है अडाणी और मणिपुर का मुद्दा

NRI SANJH JALANDHAR (25 NOVEMBER)

18वीं लोकसभा का पहला शीतकालीन सत्र शुरू आज, सोमवार (25 नवंबर) से शुरू हुआ। मौजूदा लोकसभा का यह तीसरा सत्र 20 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र में कुल 16 विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें ‘मुस्लिम वक्फ (संशोधन) विधेयक’ और ‘आपदा प्रबंधन संशोधन विधेयक’ जैसे अहम बिल शामिल हैं। ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ विधेयक को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। इससे पहले, सभी पार्टियों के नेताओं ने चर्चा के लिए तैयार होने का बयान दिया।  

वक्फ विधेयक पर हंगामे के आसार
इस सत्र में कई दूसरे अहम विधेयक भी पेश किए जाएंगे। ‘रेलवे संशोधन विधेयक’ और ‘बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक’ लोकसभा में लाए जाएंगे। इसके अलावा, राज्यसभा में ‘भारतीय विमान विधेयक’ पर चर्चा होगी, जो विमान निर्माण और संचालन को लेकर दिशा-निर्देश तय करेगा।  इनमें से वक्फ विधेयक को लेकर सदन में हंगामा होने के आसार हैं। 

विपक्ष ने बनाई सरकार को घेरने की रणनीति
मंगलवार सुबह इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने बैठक की। बैठक में सत्र के लिए रणनीति बनाई गई। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।। विपक्ष ने मणिपुर, अडाणी मुद्दा, वक्फ विधेयक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बनाई। विपक्ष सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देने के लिए मजबूर करने की कोशिश करेगा। देश में बढ़ते प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया जाएगा। 

सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक
सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। राजनाथ सिंह ने सभी पार्टियों से अनुरोध किया कि सत्र के दौरान सकारात्मक चर्चा करें। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी पार्टियों से सहयोग करने की अपील की। उन्होंन कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन सत्र के सुचारू संचालन में सभी पार्टियों को सहयोग करना होगा। 

विपक्ष थोड़ी कमजोर स्थिति में
हाल ही में महाराष्ट्र और हरियाणा में एनडीए की जीत के बाद विपक्ष थोड़ी कमजोर स्थिति में है। फिर भी, विपक्ष ने संसद में रुकावट डालने के बजाय बहस और चर्चा पर जोर देने की बात कही है। वहीं, सरकार का कहना है कि वह रचनात्मक सुझावों का स्वागत करेगी। इस सत्र में पहला मौका होगा जब

संविधान दिवस पर विशेष सत्र होगा  
26 नवंबर को संविधान दिवस के उपलक्ष्य में संसद की कोई बैठक नहीं होगी। इस दिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी सांसदों को इस दिन संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को याद दिलाने का मौका मिलेगा।  पुरानी संसद के सेंट्रल हॉल में एक कार्यक्रम का आयोजन होगा। संविधान को अपननाने के 75 साल पूरे होने पर मैथिली और संस्कृत भाषा में संविधान की प्रति जारी की जाएगी। इस मौके पर दो किताबों का विमोचन होगा। वर्षगांठ विशेष सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया जाएगा।

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