Wednesday, April 29, 2026

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दाना’ का कहर: 120 KM रफ्तार से चली हवा, बारिश के बीच गिरे पेड़ और बिजली के खंभे, 7 राज्यों में तूफान का असर

NRI SANJH JALANDHAR (25 OCTOBER)

साइक्लोन दाना ने ओडिशा के तट पर धामरा और भितरकनिका के बीच लैंडफॉल किया, जिससे भारी तबाही की खबरें आ रही हैं। तेज हवाओं और भारी बारिश ने दोनों राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ओडिशा और बंगाल में बाढ़ की संभावना को देखते हुए सरकारें अलर्ट पर हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आश्वासन दिया है कि मेरी सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों तक बारिश जारी रहेगी, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इस चक्रवात का असर देश के सात राज्यों में दिख रहा है।

ओडिशा के तट पर तेज हवाएं और बारिश
साइक्लोन दाना का लैंडफॉल ओडिशा के धामरा और भितरकनिका के बीच हुआ, जहां इसकी गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक रही। लैंडफॉल के दौरान तेज हवाएं चलीं और भारी बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा। सरकार ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
भुवनेश्वर और कोलकाता एयरपोर्ट बंद
चक्रवात दाना के कारण भुवनेश्वर और कोलकाता एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी उड़ानों को रोक दिया गया है। भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर रात 9 बजे तक उड़ानें बंद रहेंगी, जबकि कोलकाता में भी 9 बजे तक उड़ानों पर रोक रहेगी। दोनों एयरपोर्ट्स पर विमानों और उपकरणों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी उपाय किए गए हैं।
बंगाल के तटवर्ती इलाकों में बढ़ी चिंता
पश्चिम बंगाल के तटवर्ती इलाकों में भी साइक्लोन का प्रभाव देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जानकारी दी कि अब तक 2.5 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कई तटीय इलाकों में राहत शिविर बनाए गए हैं। कोलकाता, हावड़ा और दक्षिण 24 परगना जैसे जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका है। कोलकाता और हावड़ा जैसे क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हो रही है। राज्य सरकार ने राहत शिविरों में लोगों को सुरक्षित रखने के सभी इंतजाम किए हैं।प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने लिया तैयारियों का जायजा
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सभी सुरक्षा उपाय कर लिए हैं और हीराकुड बांध समेत दूसरे जलाशयों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। माझी ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की तैयारियों के बारे में जानकारी ली है। केंद्र सरकार ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
राहत और बचाव कार्य जारी
ओडिशा और बंगाल दोनों राज्यों में राहत और बचाव कार्य जोरों पर है। ओडिशा सरकार ने NDRF और ODRF की कुल 288 टीमें तैनात की हैं। ये टीमें प्रभावित इलाकों में राहत कार्य कर रही हैं। राहत टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रही हैं। चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है।सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।

भारी बारिश और बाढ़ की आशंका
IMD ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जाहिर की है। ओडिशा के जगतसिंहपुर, भद्रक, कटक और बालासोर जिलों में 20 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है। बाकी तटीय इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, बंगाल के कई इलाकों में बाढ़ की आशंका जाहिर की गई है, जिसके चलते लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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