Sunday, April 19, 2026

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आपसी भेदभाव को छोड़ वैसाखी, ईद और नवरात्रे मिलकर मनाएं-डा. सूफी राज जैन

NRI SANJH JALANDHAR (11 April)

दिलों से बुग्ज हटाओ के ईद आई है,.खुशी के दीप जलाओ के ईद आई है, मिलकर सभी त्यौहार मनाओ के ईद आई है कविता के साथ डा. सूफी राज जैन जी ने प्रेम और सदभावना का संदेश देते हुए ईद का त्यौहार मनाया। सर्व धर्म ख्वाजा मंदिर के प्रांगण में एक तरफ जहां संगत ने एक दूसरे को ईद की मुबारबाद दी। वहीं दूसरी तरफ वैसाखी के त्यौहार की सभी देशवासियों को बधाई दी। इस सारे माहौल को देखकर आई हुई संगत के दिलों मे एक दूसरे प्रति प्यार और स्नेह की भावना पैदा हुई।


ड़ॉ सूफी राज जैन जी ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि गुरुद्वारा हो, मस्जिद हो या मंदिर गिरजा हमें सभी के प्रति पूर्ण श्रद्धा रखनी चाहिए। भगवान सभी के दिलों में बस्ते हैं इसलिए आपसी भेदभाव को छोड़ सब त्योहार मिलकर मनाने चाहिए। हमें दिलों में प्यार जगाना चाहिए और अपने भारत की संस्कृति है कि सभी त्यौहार मिलकर मनाए जाते हैं। इसलिए सर्व धर्म ख्वाजा मंदिर इस बात को कायम रखा गया है कि सभी त्यौहार एक साथ और मिलकर मनाए जा रहे हैं।


इस दौरान डॉ सूफी राज जैन जी ने सभी को ईद की बधाई देते हुए कहा सभी को याद रखना चाहिए कि ईश्वर एक है। न तो ईश्वर बौध है, न जैन है, न सिक्ख है, न मुस्लिम है, न हिंदू है और न ही ईसाई। ईश्वर तो ईश्वर है। अगर ईश्वर हिंदू होता तो सारी कायनात हिंदू होती और अगर मुस्लिम होता तो सारी कायनात मुस्लिम होती। ये ही सत्य है कि ईश्वर एक है। हर शख्स इस सच से वाकिफ है कि ईश्वर है। लेकिन कुछ लोगों ने ईश्वर का बटवारा कर दिया है। जिसे हमे दूर करना है।


इस मौके पर डॉ. सूफी राज जैन जी के साथ दिव्या जी व सभी एक्जीक्यूटिव मैंबर मौजूद रहे।

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