NRI SANJH JALANDHAR ( 6 April)
अमेरिकी कंपनी एप्पल ने अपने 600 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। कार और स्मार्टवॉच डिस्प्ले प्रोजेक्ट बंद करने के बाद कंपनी ने इन पर काम करने वाले कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, एप्पल ने कैलिफोर्निया रोजगार विकास विभाग को दी गई 8 अलग-अलग फाइलिंग में यह जानकारी दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कैलिफोर्निया के सांता क्लारा में एप्पल के मुख्य कार संबंधित कार्यालय में 371 कर्मचारियों के अलावा कई अन्य सैटेलाइट कार्यालयों में भी लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया है। वहीं, कई लोगों को कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पर्सनल रोबोटिक्स विभाग में स्थानांतरित किया गया है। इन परियोजनाओं के बंद होने से करीब 2000 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी ने नेक्स्ट जेनरेशन स्क्रीन डेवलपमेंट प्रोग्राम में गुप्त जगह पर काम करने वाले 87 लोगों और ऐसे लोगों को नौकरी से निकाल दिया है जो कंपनी के कार प्रोजेक्ट का हिस्सा थे। कैलिफ़ोर्निया के नियमों के मुताबिक, कर्मचारियों को प्रभावित करने वाले हर फैसले की जानकारी रोजगार विभाग को देनी होती है।
10 साल में Apple नहीं बना सका कार का प्रोटोटाइप!
हाल ही में एप्पल ने अपना 10 साल पुराना कार प्रोजेक्ट बंद कर दिया है.कंपनी ने पिछले दशक में इस प्रोजेक्ट में अरबों डॉलर का निवेश किया। लेकिन इतने समय में इसका फिजिकल प्रोटोटाइप भी तैयार नहीं किया जा सका।
एप्पल बनाएगी एक यूनीक कार
कंपनी एक ऐसी कार बनाना चाहती थी जो पूरी तरह से ऑटोमैटिक हो और वॉयस कमांड पर चले। इसके लिए 2015 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट में अरबों डॉलर का निवेश किया गया था।अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता तो कंपनी इस कार को 2028 तक एक लाख डॉलर (करीब 82.90 लाख रुपये) की कीमत पर लॉन्च कर सकती थी।
सीईओ पर प्रोजेक्ट बंद करने का दबाव
Apple ने अपनी पहली EV की लॉन्च डेट को 2019, 2020, 2026 और 2028 में रिशेड्यूल कर दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का बोर्ड CEO टिम कुक पर भी इस प्रोजेक्ट पर जल्द ठोस योजना तैयार करने या प्रोजेक्ट बंद करने का दबाव बना रहा था।


