दिल्ली में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को 16 अक्टूबर 2026 की शाम तिरंगा मार्च के दौरान पुलिस ने मंडी हाउस के पास से हिरासत में ले लिया था. पुलिस की जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें आधी रात के बाद रिहा कर दिया गया. पुलिस ने दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत जरूरी प्रक्रिया पूरी की।
इसके बाद नेहा बोरा को आधी रात के बाद छोड़ दिया गया।दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को भी तिरंगा मार्च से पहले पुलिस ने हिरासत में ले लिया. यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाया गया था. 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस और मंडी हाउस समेत दिल्ली के कई इलाकों में प्रदर्शन हुए।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए कार्रवाई की और 150 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया।दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अभिजीत दीपके को प्रदर्शन से पहले दो नोटिस दिए गए थे. पुलिस ने उन्हें कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में मार्च नहीं निकालने की हिदायत दी थी. पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी और इससे आम लोगों, दुकानदारों तथा यातायात पर असर पड़ सकता था
इसके बाद उन्हें शांति भंग होने की आशंका के आधार पर एहतियातन हिरासत में लिया गया. पुलिस ने यह भी कहा कि दीपके को पहले भी शांति बनाए रखने के लिए 50 हजार रुपये का पीस बॉन्ड भरना पड़ा था. पुलिस अब इस मामले को मजिस्ट्रेट के सामने रखने की बात कह रही है।AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया था।
संगठन का कहना है था कि उन्हें दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया और कई घंटों तक उनकी सही लोकेशन की जानकारी नहीं मिल सकी.AISA के मुताबिक, वकील बाद में आरके पुरम पुलिस स्टेशन में उनसे मिलने पहुंचे थे. संगठन ने उनकी सेहत, दवाओं और रिहाई के समय को लेकर भी सवाल उठाए थे।


