एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने मोहाली के सेक्टर-119 में मौजूद रियल एस्टेट कंपनी TDI इंफ्राटेक के ऑफिस में सर्च ऑपरेशन चलाया है। बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन कल सुबह से चल रहा है और मौके पर ED के करीब 15 अधिकारी मौजूद हैं।सूत्रों के मुताबिक, रेड के दौरान TDI इंफ्राटेक के वाइस प्रेसिडेंट रोहित गोगिया भी ऑफिस में मौजूद थे।
कहा जा रहा है कि ऑफिस के CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग और कर्मचारियों और अधिकारियों के मोबाइल फोन भी अधिकारियों ने जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिए हैं। हालांकि, यह भी जानकारी है कि शुरुआती जांच के बाद कुछ मोबाइल फोन वापस कर दिए गए हैं। यह ऑपरेशन PR-6 रोड प्रोजेक्ट के लिए जमीन के मुआवजे से जुड़ी कथित गड़बड़ियों के मामले से जुड़ा बताया जा रहा है।
जांच में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद रिश्तेदारों के नाम पर जमीन ट्रांसफर करके करीब 6 करोड़ रुपये के अतिरिक्त मुआवजे का कथित फायदा उठाने की बात भी सामने आई है।यह मामला पहले भी स्थानीय निवासियों और रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के विरोध का विषय रहा है।
उन्होंने PR-6 रोड प्रोजेक्ट के लिए दिए गए मुआवज़े की जांच और आरोप साबित होने पर डेवलपर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।अप्रैल 2026 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में फाइल किए गए एक एफिडेविट में, GMADA ने आरोप लगाया था कि 14 अक्टूबर, 2020 को लैंड एक्विजिशन एक्ट के सेक्शन 11 के तहत नोटिफिकेशन जारी होने के बाद,
TDI इंफ्राटेक ने 6 एकड़ से ज़्यादा ज़मीन ट्रांसफर कर दी ताकि किसानों को बराबर मुआवज़े का फायदा मिल सके।GMADA ने कहा था कि सेक्शन 11(4) के तहत, नोटिफिकेशन के बाद ऐसे ट्रांसफर पर रोक है और उसके बाद ज़मीन खरीदने वाले लोग उस ट्रांसफर के ज़रिए कानूनी अधिकार या टाइटल हासिल नहीं कर सकते।
GMADA के मुताबिक, जबकि मुआवज़ा लगभग 14 करोड़ रुपये तक सीमित होना था, यह रकम बढ़कर लगभग 21 करोड़ रुपये हो गई, जिससे सरकारी खजाने पर लगभग 6 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ने का दावा किया गया। इस ज़मीन अधिग्रहण विवाद के कारण, PR-6 प्रोजेक्ट भी लंबे समय से रुका हुआ है।
TDI ने साल 2022 में किसानों को बराबर मुआवजा देने की मांग करते हुए अधिग्रहण पॉलिसी को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट की तरफ से सिविल काम पर रोक लगने से सड़क के डेवलपमेंट पर भी असर पड़ा है। इसके अलावा, जानकारी सामने आई है कि ED ने जमीन से जुड़े एक और मामले में दूसरी जगह पर भी तलाशी ली है। हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के बारे में ED की तरफ से अभी तक कोई ऑफिशियल बयान नहीं दिया गया है।


