पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने लुधियाना के बहुचर्चित ढाई साल की मासूम बच्ची दिलरोज़ कौर हत्याकांड में दोषी महिला नीलम की फांसी की सजा को उम्र कैद में बदल दिया है। अदालत के फैसले के अनुसार अब दोषी को बिना किसी पैरोल या छूट के 30 साल जेल में बिताने होंगे।
बता दें कि 28 नवंबर 2021 को लुधियाना के शिमलापुरी की रहने वाली 38 साल की नीलम ने अपने पड़ोसी पुलिस कर्मचारी हरप्रीत सिंह की ढाई साल की बेटी दिलरोज़ को स्कूटी पर बिठाकर अगवा किया और उसे एल्डेको के पास एक सुनसान प्लाट में ले गई, जहां उसने पहले से खोदे गए गड्ढे में मासूम के मुंह में मिट्टी ठूसकर उसे जिंदा दफना दिया।
दम घुटने के कारण बच्ची की मौत हो गई। जांच में सामने आया कि पुलिस कर्मचारी द्वारा अपने बच्चों के लिए लाए जाने वाले अच्छे खिलौनों और कपड़ों को देखकर दोषी महिला के मन में ईर्ष्या पैदा हो गई थी, क्योंकि वह अपने बच्चों की ऐसी मांगें पूरी नहीं कर
सकती थी।सीसीटीवी फुटेज से खुलासा होने के बाद गिरफ्तार की गई नीलम को लगभग दो साल पहले सेशन कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी। अब हाई कोर्ट ने उसकी अपील पर सुनवाई करते हुए इस सजा को 30 साल की कैद में तब्दील कर दिया है।


