नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने गुरुवार (25 सितंबर) को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में भारत और चीन का जिक्र किया. उन्होंने नेपाल में आई बाढ़ के दौरान मदद के लिए भारत को शुक्रिया भी कहा. बालेन शाह ने इस दौरान दुनिया के सामने हिमालय को लेकर एक बड़ा प्रस्ताव रखा. नेपाल पीएम बालेन शाह ने कहा, ‘मैं भीषण बाढ़ के बाद हमारी मदद के लिए आगे आने वाले सभी लोगों के प्रति नेपाल की तरफ से आभार व्यक्त करना चाहता हूं।
हमारे करीबी पड़ोसी देश, भारत और चीन ने तुरंत सहायता उपलब्ध करवाई. दूसरे दोस्त देशों, संयुक्त राष्ट्र निकाय, मानवीय संस्थाओं, परोपकारी संगठनों और दुनियाभर के लोगों ने नेपाल का साथ दिया. उन सभी के प्रति, मैं नेपाल की कृतज्ञ जनता की ओर से धन्यवाद व्यक्त करता हूं।
‘बालेन शाह ने एक प्रस्ताव रखते हुए कहा, ‘नेपाल, भारत और चीन के नेतृत्व में एक हिमालयन क्लाइमेट रेजिलिएंस मैकेनिज्म स्थापित किया जाए. इस व्यवस्था के जरिए हम सैटेलाइट डेटा, अपना अनुभव और इंटेलिजेंस एक-दूसरे के साथ शेयर करें. खतरनाक ग्लेशियर झीलों की निगरानी करें. आपदा की पूर्व चेतावनी देने वाली संयुक्त प्रणालियों को मजबूत बनाएं।
जब भी कोई आपदा आए, तो सीमाओं से परे जाकर एक-दूसरे को सहायता प्रदान करें. हिमालय को बिखरी हुई जानकारियों का दायरा बनने के बजाय अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की एक लैब बनने दें.’गौरतलब है कि बाढ़ की वजह से नेपाल को भयंकर नुकसान हुआ था. कई लोगों की जान चली गई थी, जबकि सैकड़ों लोग लापता हो गए. हालांकि उनकी लगातार खोज की जा रही थी. इस दौरान भारत ने बड़ा दिल दिखाते हुए नेपाल की ओर मदद का हाथ बढ़ाया था।


