मोहाली स्थित गमाडा दफ्तर में ईडी की जारी कार्रवाई के तीसरे दिन आम आदमी पार्टी के समर्थकों और प्रतिनिधियों ने दफ्तर का घेराव करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ‘आप’ समर्थक गमाडा दफ्तर के बाहर इकट्ठा हुए और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।मोहाली ‘जब भी मोदी डरता है ईडी को आगे करता है’ के नारों से गूंज उठा।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर और पोस्टर थे, जिन पर केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए। एक बैनर पर लिखा था, “जब भी मोदी डरता है, वह ईडी को आगे करता है।” प्रदर्शन के दौरान गमाडा दफ्तर में तैनात पुलिस कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारियों को दफ्तर के परिसर में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश की।इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई।
प्रदर्शनकारियों द्वारा दफ्तर का गेट तोड़कर अंदर प्रवेश करने के आरोप भी लगे। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए गमाडा के मुख्य दफ्तर के अंदर पहुंच गए और वहां भी अपना विरोध दर्ज करवाया। गमाडा दफ्तर के परिसर में ईडी की टीम मौजूद होने के कारण पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था और सख्त करनी पड़ी।
अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने और स्थिति को काबू में रखने की कोशिश की। प्रदर्शन के कारण गमाडा दफ्तर के बाहर काफी समय तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य में ईडी की बढ़ी कार्रवाइयों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
चीमा ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने पर ही पंजाब में ईडी के छापों में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और अधिकारियों से संबंधित जगहों पर कार्रवाइयां की जा रही हैं। चीमा ने कहा कि यह सिर्फ छापों का मामला नहीं है, बल्कि केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसी राजनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ता है तो ईडी की कार्रवाई शुरू हो जाती है। वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब डराने-धमकाने की राजनीति के आगे न तो पहले झुका है और न ही भविष्य में झुकेगा।


