संयुक्त बैंक यूनियनों का मंच (यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस) और बैंक प्रबंधनों के बीच मंगलवार को हुई बातचीत असफल रही। इसके बाद यूनियन ने कहा कि 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल तय है। वहीं, 26 और 27 को छुट्टी होने के कारण इस हड़ताल से लगातार 5 दिन बैंक बंद रहेंगे।
इससे पहले वित्त मंत्रालय ने बैंक कर्मचारियों से हड़ताल न करने की अपील की थी।यूनियन के अनुसार, इससे पहले केंद्रीय मुख्य श्रम आयुक्त के समक्ष यूनियनों के प्रतिनिधियों, आईबीए, बैंक प्रबंधनों और वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधियों के बीच मंगलवार को लंबी बातचीत चली, लेकिन मांगों पर कोई सहमति नहीं बन सकी।
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव डी.एन. त्रिवेदी ने बताया कि हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के अलावा ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक और कुछ निजी बैंकों के कर्मचारी भी शामिल हैं।यूएफबीयू बैंकिंग कार्यबल के 90 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है।
इसकी मुख्य मांग 5-दिवसीय बैंकिंग है। अन्य मांगों में पेंशन में संशोधन और सुधार शामिल हैं। वे सभी पेंशनरों के लिए एकसमान महंगाई भत्ता फॉर्मूला चाहते हैं। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) में जाने का विकल्प भी उनकी मांगों में शामिल है।


