जालंधर के डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने जिले में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने और पराली प्रबंधन को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अधिकारियों को व्यापक योजना तैयार करने के निर्देश दिए।आज यहां जिला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स में कृषि, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सहकारिता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान
डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने पराली को आग लगाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सभी विभागों को बेहतर आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा। उन्होंने धान की कटाई के मौसम को देखते हुए अब तक की गई तैयारियों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को पराली जलाने की घटनाओं पर सख्त नजर रखने और सरकार के निर्देशों के अनुसार तुरंत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की हिदायत की
ताकि ऐसी घटनाओं पर जिले में पूरी तरह रोक लगाई जा सके।श्री वालिया ने इस बुरे रुझान को रोकने के लिए लगातार निगरानी हेतु एस.डी.एमों. को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने पराली प्रोटेक्शन फोर्स का भी गठन करने को कहा, जो गांव स्तर तक खेतों में आग लगाने की घटनाओं को रोकने का काम करेगी।
डिप्टी कमिश्नर ने हिदायत करते हुए कहा कि जिन गांवों में पिछले वर्षों के दौरान पराली जलाने की घटनाएं अधिक दर्ज की गई थी, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त, फील्ड अधिकारियों के साथ तालमेल और चौकसी रखी जाए ताकि खेतों में आग लगाने की घटनाओं को रोका जा सके।
पराली की खपत प्रक्रिया को उचित बनाने के लिए श्री वालिया ने पराली को कच्चे माल या ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने वाली औद्योगिक इकाइयों और बेलरों के माध्यम से पराली इकट्ठा करने वाले किसानों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पराली की अधिकतम खपत से किसानों को पराली प्रबंधन के बेहतर विकल्प मिलेंगे और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि पिछले वर्षों के दौरान किसानों को उपलब्ध करवाई गई मशीनरी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बड़े पैमाने पर जागरूकता गतिविधियां करवाने की हिदायत करते हुए कहा कि निचले स्तर तक किसानों को इन-सीटू और एक्स-सीटू तरीकों के जरिए पराली प्रबंधन के लिए प्रेरित किया जाए ताकि पराली प्रबंधन को असरदार ढंग से लागू किया जा सके।
उन्होंने जागरूकता अभियान में शिक्षा विभाग को भी शामिल करने को कहा ताकि पराली न जलाने का संदेश विद्यार्थियों के माध्यम से घर-घर पहुंचाया जा सके।बैठक में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) दिव्या पी., मुख्य कृषि अधिकारी डा. रणधीर सिंह ठाकुर, उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां गुरविंदरजीत सिंह, जिला मंडी अधिकारी अरविंदर सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी गुरिंदरजीत कौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।


