Monday, May 18, 2026

Google search engine
Homeपंजाबगुरदासपुर में एक दुकान के पास ग्रेनेड फेंकने के मामले में तीन...

गुरदासपुर में एक दुकान के पास ग्रेनेड फेंकने के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार

गुरदासपुर पुलिस ने काउंटर इंटेलिजेंस (सी.आई.) पंजाब के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए गुरदासपुर में एक दुकान के पास ग्रेनेड फेंकने के मामले को सफलतापूर्वक सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक और हैंड ग्रेनेड भी बरामद किया है। यह जानकारी आज पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमरजीत सिंह उर्फ बिल्ला निवासी गणेश नगर, रामा मंडी, जालंधर; करणजीत सिंह उर्फ करण निवासी तारापुर, अमृतसर; और सतनाम सिंह निवासी गांव बोपाराय, अमृतसर के रूप में हुई है

जानकारी के अनुसार 27 अप्रैल 2026 को गुरदासपुर के गीता भवन रोड पर स्थित एक दुकान के पास एक निष्क्रिय हैंड ग्रेनेड मिला था। बम स्क्वॉड द्वारा ग्रेनेड को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किए जाने के बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया था।डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि मामले की गहन जांच के बाद पुलिस ने इस वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी अमरजीत सिंह उर्फ बिल्ला के घर से एक और हैंड ग्रेनेड भी बरामद किया गया है।

उन्होंने आगे बताया कि प्रारंभिक जांच से यह सामने आया है कि आरोपी एक विदेशी हैंडलर के निर्देशों पर काम कर रहे थे और उन्हें उसी हैंडलर के माध्यम से दो हैंड ग्रेनेड प्राप्त हुए थे।ऑपरेशन संबंधी अधिक जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गुरदासपुर आदित्य ने बताया कि घटना के तुरंत बाद विभिन्न पुलिस टीमों का गठन कर जांच शुरू की गई थी।उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज, खुफिया जानकारी और तकनीकी विश्लेषण की मदद से यह पता चला कि पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा अशोका चिप्स के पास ग्रेनेड फेंका गया था।

इसके आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।एसएसपी ने बताया कि इस मामले में विदेशी हैंडलरों और स्थानीय सहायता नेटवर्क की भूमिका सहित पूरे मॉड्यूल के आगे-पीछे के संबंधों की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा बरामदगियां होने की संभावना है।इस संबंध में पुलिस थाना सिटी गुरदासपुर में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत एफआईआर नंबर 113 दिनांक 27.04.2026 दर्ज की गई थी। बाद में इस मामले में गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की संबंधित धाराएं भी जोड़ी गईं।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments