पंजाब सरकार ने विजिलेंस दफ़्तर में CBI द्वारा की गई कार्रवाई के ख़िलाफ़ कड़ा रुख़ अपनाया है। सरकार का कहना है कि वह इस पूरी प्रक्रिया को अदालत में चुनौती देगी। इस मामले में मुख्य विवाद CBI के अधिकार क्षेत्र को लेकर खड़ा हुआ है।
दरअसल, साल 2020 में कैप्टन अमरिंदर की सरकार ने विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया था और यह नियम बनाया था कि CBI पंजाब में सीधे तौर पर दखल नहीं दे पाएगी। क्योंकि CBI का गठन दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत हुआ था। अगर CBI पंजाब में कोई कार्रवाई करना चाहती है, तो उसे पहले राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी।


