प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल सोच-समझकर करने की अपील की है।उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में ऊर्जा की बचत करना बहुत जरूरी हो गया है।पीएम मोदी ने कोरोना काल के दौरान अपनाए गए वर्क फ्रॉम होम मॉडल का भी जिक्र किया और कहा कि जहां संभव हो, वहां कंपनियों और संस्थानों को फिर से घर से काम करने के विकल्प पर विचार करना चाहिए।
प्रधानमंत्री का मैसेज क्लियर था कि अब फ्यूल को बचाना केवल पर्यावरण से जुड़ा मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह देश की आर्थिक मजबूती से भी जुड़ चुका है. बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों और तेल संकट के बीच सरकार चाहती है कि देश में ईंधन की खपत कम हो ताकि विदेशी मुद्रा पर दबाव कम किया जा सके।कोरोना महामारी के समय भारत में पहली बार बड़े स्तर पर वर्क फ्रॉम होम का इस्तेमाल हुआ था।
आईटी, मीडिया, बैंकिंग, कंसल्टिंग और कई दूसरी कंपनियों ने कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दी थी. उस दौरान ऑफिस जाने वाले लोगों की संख्या कम हुई, सड़कों पर ट्रैफिक घटा और पेट्रोल-डीजल की खपत में भी कमी देखी गई थी. प्रदूषण का स्तर भी काफी कम हुआ था।
अब सरकार वर्क फ्रॉम होम को एक बार फिर सीमित स्तर पर अपनाने की बात कर रही है. वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड मॉडल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे ईंधन की बचत होती है. लोग रोज ऑफिस आने-जाने में कम पेट्रोल और डीजल खर्च करेंगे।इससे ट्रैफिक जाम भी कम होंगे और सार्वजनिक परिवहन पर दबाव घटेगा।साथ ही शहरों में प्रदूषण का स्तर भी कम हो सकता है।


