राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम को मैडीकल आधार पर दी गई अंतरिम जमानत को 25 मई तक बढ़ा दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने जमानत बढ़ाने का आदेश दिया है।दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से फिलहाल राहत मिली है।
जोधपुर कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की अगुवाई वाली डिवीजन बेंच ने आसाराम की अंतरिम जमानत को 25 मई तक बढ़ाने का आदेश दिया है। यह राहत उन्हें मैडीकल ग्राउंड पर दी गई है।बता दें कि आसाराम की ओर से अंतरिम जमानत की मौजूदा अवधि समाप्त होने से पहले हाईकोर्ट में नया आवेदन दाखिल किया गया था। याचिका में कहा गया कि उनकी उम्र काफी अधिक हो चुकी है और वह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे है।
साथ ही यह भी दलील दी गई कि वह लंबे समय से जेल में बंद है, ऐसे में इलाज के लिए उन्हें और राहत दी जानी चाहिए। इस आवेदन पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में सुनवाई हुई, जिसके बाद कोर्ट ने जमानत की अवधि बढ़ाने का आदेश दिया।गौरतलब है कि आसाराम वर्ष 2013 से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद है। वर्ष 2018 में एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
इसके बाद उसे समय समय पर स्वास्थ्य कारणों को लेकर अदालतों का रुख किया। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2025 में आसाराम को तीन महीने की अंतरिम जमानत दी थी, जिसे बाद में बढ़ाया गया। इसके बाद 29 अक्तूबर 2025 को उसे छह महीने की अंतरिम जमानत और दी गई थी ताकि वह जेल से बाहर रहकर इलाज करवा सके।अंतरिम जमानत के दौरान अदालत ने उस पर कई सख्त शर्तें भी लगाई थी।
इनमें धार्मिक कार्यक्रमों में भाग न लेने, भीड़ एकत्रित न करने और देश से बाहर नहीं जाने जैसी पाबंदियां शामिल थी। साथ ही निर्देश दिए गए थे कि वह केवल इलाज के उद्देश्य से ही जेल से बाहर रहे।अब हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद आसाराम को 25 मई तक राहत मिल गई है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और संभावित आदेशों पर सभी की नजरें टिकी हुई है।


