जालंधर में उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला प्रशासन ने औद्योगिक और व्यापार विकास नीति के तहत 12 उद्योगों को 1.85 करोड़ रुपये के इंसैंटिव को मंजूरी दे दी है, जिससे क्षेत्र के उद्योगों को महत्वपूर्ण वित्तीय राहत मिलेगी।डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने जिला स्तरीय इंडस्ट्रियल एंड बिजनेस डेवलपमेंट पॉलिसी (आई.बी.डी.पी.) की बैठक के दौरान यह स्वकृति दी।
इंसैंटिव में जी.एस.टी. री-इंबर्समेंट, ई.डी.सी. छूट, सी.जी.टी.एम.एस.ई. फीस री-इंबर्समेंट, स्टैंप ड्यूटी री-इंबर्समेंट, माल ढुलाई सहायता और कैपिटल सब्सिडी जैसे लाभ शामिल है।बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार औद्योगिक विकास को मजबूत करने और व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है।
बैठक के दौरान प्रमुख औद्योगिक मुद्दों की समीक्षा करते हुए श्री वालिया ने अधिकारियों को विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा करने और इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के समन्वय से मुद्दों को हल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे उपायों से जिले में बुनियादी ढांचे में और सुधार होगा तथा व्यापार करने में आसानी बढ़ेगी।आर्थिक विकास में उद्योगों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि कई इकाइयों ने पहले ही जालंधर में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करके काफी निवेश किया है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन निवेशकों को सुविधाएं प्रदान करने और सुचारू प्रक्रिया के माध्यम से नए प्रोजेक्ट्स के लिए तुरंत मंजूरी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।व्यापारिक समुदाय को जिले में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए श्री वालिया ने कहा कि जालंधर उद्योग-अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। उन्होंने आगे कहा कि निवेश में वृद्धि से न केवल आर्थिक विकास तेज होगा बल्कि रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे, जिससे पूरे क्षेत्र को लाभ होगा।


