केंद्र सरकार ने पंजाब के किसानों को बड़ी राहत दी है। केंद्र ने गेहूं खरीद के नियमों में ढील दी है। रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी सोशल मीडिया पर इस संबंध में जारी पत्र को साझा करते हुए इस खुशखबरी को लोगों तक पहुंचाया है। पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के किसानों को बड़ी राहत देते हुए, केंद्र सरकार ने रबी सैशन 2026-27 के लिए गेहूं खरीद के नियमों में ढील देने की घोषणा की है।
यह निर्णय राज्य में बेमौसम बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए लिया गया है।भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय (खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग) द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार, पंजाब और चंडीगढ़ के सभी जिलों में बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की फसल प्रभावित हुई थी।
किसानों की कठिनाइयों को कम करने और उनकी फसल को कम कीमतों पर बिकने से बचाने के लिए, सरकार ने तत्काल प्रभाव से खरीद के नियमों में ढील दी है।गेहूं की चमक में कमी की सीमा को बढ़ाकर 70% कर दिया गया है।सिकुड़े और टूटे हुए दाने: सिकुड़े और टूटे हुए दानों की सीमा, जो पहले 6% थी, अब बढ़ाकर 15% कर दी गई है।पूरी तरह से क्षतिग्रस्त और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त दानों की कुल मात्रा 6% से अधिक नहीं होनी चाहिए।
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन संशोधित नियमों के तहत खरीदे गए गेहूं को अलग से भंडारित किया जाएगा और इसका हिसाब-किताब भी अलग से रखा जाएगा। इस स्टॉक को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए प्राथमिकता के आधार पर भेजा जाएगा।
पत्र में यह भी कहा गया है कि भंडारण के दौरान गेहूं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की गिरावट के लिए पंजाब सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे। उम्मीद है कि इस निर्णय से पंजाब की मंडियों में गेहूं खरीद की प्रक्रिया में तेजी आएगी और उन किसानों को बड़ी मदद मिलेगी जिनकी फसलें बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थी।


