इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का पूरा शेड्यूल सामने आते ही फैंस का उत्साह चरम पर है. 28 मार्च से शुरू होने वाले इस सीजन में 10 टीमें 12 शहरों में भिड़ेंगी और कुल 8 डबल हेडर मुकाबले भी खेले जाएंगे. हालांकि इस शेड्यूल ने जहां रोमांच बढ़ाया है, वहीं कुछ टीमों के लिए मुश्किलें भी खड़ी कर दी है।
– खासकर लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए।कोलकत्ता नाइट राइडर्स का शेड्यूल इस बार चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है. टीम को एक समय पर लगातार चार मैच बाहर खेलने होंगे. हालांकि उन्हें बीच-बीच में घरेलू मैचों का भी फायदा मिलेगा.
2. CSK को शुरुआत में झटकाचैन्नई सुपर किंग्स को लगातार 3 अवे मैच खेलने होंगे, लेकिन अंत में 4 में से 3 मुकाबलों में चैन्नई को चेपॉक में होम एडवांटेज मिलेगा.
3. दिल्ली का मिड-सीजन फायदादिल्ली कैपिट्ल्स को भी बीच के चरण में 5 में से 4 मैच अपने घरेलू मैदान अरुण जेटली स्टेडियम पर खेलने को मिलने वाले हैं, जो उनके लिए अहम साबित हो सकता है.
4. मुंबई का उल्टा पैटर्नमुंबई इंडियंस की टीम पहले बाहर अपने मुकाबले खेलेगी, फिर 5 में से 4 मैच वानखेड़े में खेलकर वापसी का मौका पाएगी.
5. RCB का अनोखा होम-शेयररॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का शेड्यूल इस बार संतुलित नजर आता है, जहां टीम को घर और बाहर दोनों जगह बराबर मौके मिलेंगे. खास बात यह है कि आरसीबी इस बार बेंगलुरु के साथ रायपुर में भी अपने घरेलू मैच खेलेगी।
6. राजस्थान को शुरुआत में बढ़तराजस्थान रॉयल्स को शुरुआती 4 में से 3 मैच घर पर खेलने का मौका मिलेगा, जिससे अच्छी शुरुआत मिल सकती है. इसके बाद बाकी 3 मैच अवे खेलने होंगे.
7. गुजरात का मिक्स शेड्यूलगुजरात टायटंस की टीम को शुरुआत में अवे मैच ज्यादा हैं, लेकिन बाद में नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर लगातार 3 मुकाबले खेलने को मिलेंगें.
8. पंजाब को अंत में फायदापंजाब किंग्स के लिए अच्छी बात यह है कि उनके आखिरी मुकाबलों में से ज्यादातर मैच घर पर होंगे, जिससे प्लेऑफ की रेस में उन्हें बढ़त मिल सकती है।
.9. हैदराबाद का शुरुआती संघर्षसनराइजर्स हैदराबाद को शुरुआती मैचों में ज्यादा मुकबाले बाहर खेलना होगा, लेकिन बाद में टीम को 3 मैचों में होम स्टेडियम का एडवांटेज मिल जाएगा.
10. LSG के साथ ‘नाइंसाफी’?वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स टीम को इस बार लगातार ट्रैवल करना होगा. लखनऊ एक भी समय ऐसा नहीं पाएगी जब वह लंबे समय तक अपने घरेलू मैदान पर खेल सके. टीम लगातार दो से ज्यादा मैच एक ही जगह नहीं खेलेगी, जिससे खिलाड़ियों की थकान बढ़ सकती है।


