कनाडा में नैंसी ग्रेवाल के मामले में उसकी बहन अलीशा ने बड़ा खुलासा किया है। उसने कहा कि नैंसी की जान को खतरा था। उन्होंने इस बारे में कनाडा पुलिस को कुछ नाम बताए थे। नैंसी ने पुलिस से कहा था कि अगर उन्हें कुछ होता है, तो जिनके नाम बताए गए हैं, उनसे पूछताछ की जाए। नैंसी की बहन अलीशा ने कहा कि करीब 15-20 दिन पहले नैंसी की एक करीबी दोस्त ने उन्हें अलर्ट किया था।
उन्हें बताया गया था कि उन्हें मारने का प्लान बन रहा है और नैंसी को कुछ दिनों के लिए कहीं दूर चले जाना चाहिए। नैंसी ने कहा था कि उन्हें मौत से खुशी है लेकिन वह चुप नहीं बैठेंगी। नैंसी ने अपनी दोस्त से कहा था कि वह अपनी क्लाइंट को नहीं छोड़ सकतीं। नैंसी ने पैरालाइज्ड क्लाइंट को बचाने के लिए दरवाजा बंद कर दिया था ताकि हमलावर उन्हें नुकसान न पहुंचा सकें।
नैंसी पर उस घर के बाहर हमला किया गया जहां वह एक पैरालाइज्ड मरीज की देखभाल कर रही थीं। उसकी बहन ने कहा कि नैंसी ने दो हमलावरों से लड़ाई की और भागने की भी कोशिश की, लेकिन उन्होंने नैंसी को घर के पीछे एक सुनसान जगह पर घेर लिया। हमलावरों ने उसके पेट में 20 बार चाकू घोंपा। उन्होंने नैंसी की जीभ भी काट दी ताकि वह शोर न मचा सके।
नैंसी ग्रेवाल की कनाडा में मंगलवार रात करीब 9.30 बजे हत्या कर दी गई थी। बहन ने बताया कि जब हमलावरों ने नैंसी को दो बार चाकू मारा तो वह जान बचाने के लिए घर के अंदर भागी, लेकिन दरवाज़ा ऑटो-लॉक था। अगर दरवाज़ा बंद नहीं होता तो वह बच सकती थी।
घर के अंदर मौजूद बुज़ुर्ग मरीज़ दरवाज़ा नहीं खोल सकी। हालांकि, मरीज़ ने तुरंत पुलिस को फ़ोन किया। जब दरवाज़ा नहीं खुला तो नैंसी जान बचाने के लिए घर के पीछे जंगल में भाग गई। हमलावरों ने उसे वहीं पकड़ लिया और तब तक चाकू मारे जब तक वह पूरी तरह खून से लथपथ नहीं हो गई।


